ग्रामीण इंजीनियर तैयार करने वाले तीन कोर्स किए बंद
वर्ष 2003 से अभी तक बने ग्रामीण इंजीनियरों की संख्या
एक ओर सरकार आइटीआई एवं तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरे ओर सरकार द्वारा महत्वपूर्ण रोजगारों से जोड़ने वाली योजनाओं को बंद कर दिया गया है। जिसमें ग्रामीण इंजीनियर योजना सहित रोजगारोन्मुखी तीन योजनाएं सरकार द्वारा बंद कर दी गई हैं।
जिनमें ग्रामीण टेक्नीशियन योजना, तकनीकी शिक्षा रोजगारोन्मुखी व्यावसायिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना एवं अनुसूचित जाति, जनजाति कम्प्यूटर प्रशिक्षण योजना को मप्र सरकार भोपाल के तकनीकी शिक्षा प्रमुख सचिव द्वारा एक पत्र भेज कर प्रदेश की समस्त उद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों में अगले सत्र से इन योजनाओं में प्रवेश नहीं दिए जाने के आदेश जारी कर दिए गए है।
ये है ग्रामीण इंजीनियर योजना : ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत द्वारा कराए जाने वाले छोटे मोटे सीमांत कार्यों की समस्याओं को मौके पर ही हल करने के लिए प्रत्येक पंचायत से प्रति वर्ष एक ग्रामीण इंजीनियर बनाना था। जिसमें पंचायत द्वारा हायर सेकंडरी उत्तीर्ण युवा को मैरिट अंकों के आधार पर पर ग्रामीण इंजीनियर योजना प्रशिक्षण के लिए ठहराव प्रस्ताव बनाकर जनपद के लिए दिया जाता था। जहां से चयनित छात्रों को उद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण देकर ग्रामीण इंजीनियर बनाया जाता था। इससे निरंतर रोजगार प्राप्त कर सकें।
वर्ष ग्रा. इंजी.
2003 24
2004 36
2005 30
2006 43
वर्ष ग्रा. इंजी.
2007 15
2010 40
2011 05
आदेश मिले तो फिर शुरू कर देंगे
ये तीनों योजनाएं गर्वमेंट द्वारा इस सत्र से बंद कर दी गई है। यदि गर्वमेंट फिर से आदेश करती है तो हम छात्र,छात्राओं को पुन: इन योजनाओं में प्रवेश देकर लाभान्वित करेंगे। एसके मंडल, प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र
अजा-जजा प्रशिक्षण योजना
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के पढ़ लिखे छात्र, छात्राओं को कंप्यूटर, टायपिंग, कंप्यूटर हार्डवेयर एंड सॉफ्टवेयर, प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगारोन्मुखी विकसित करना था।
इस योजना में 237 छात्र, छात्राओं को लाभ लिया गया है।
ये है योजना
योजना के तहत 6 माह का प्रशिक्षण दिया जाता था। जिसमें विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित जैसे वुडवर्क, टेक्नीशियन, फोर एवं टू व्हीलर, मैकेनिक, वॉटर सप्लाई टेक्नीशियन, ट्रैक्टर मेकेनिक, मेंटेनेंस एंड रिपेयर आफ कम्प्यूटर हार्डवेयर, एयर कंडीशन, प्रिजर्वेशन, प्रिटिंग,इलेक्ट्रीशियन, कटिंग, शीट मेटल डीजल मैकेनिक आदि का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। जिससे युवा वर्ग उद्यमिता विकसित कर अपना लघु उद्योग स्थापित कर सकें।
इस योजना में वर्ष 2007 से आए दिनांक तक कुल 100 छात्रों ने लाभ लिया है।
बंद हुई योजना