परिवहन विभाग में बिना पावर के प्रभार
परिवहन के संवेदनशील सी श्रेणी के फूफ (भिंड) चेकपोस्ट पर ड्राइवर रामनिवास कुशवाह को और बी श्रेणी के पढ़ोरा (शिवपुरी) चेकपोस्ट पर हवलदार भरत रावत को प्रभारी बना दिया गया है। हालांकि विभागीय नियमों में चेकपोस्ट पर चालान का अधिकार एसआई इंस्पेक्टर को ही रहता है। परिवहन में यह स्थिति इंस्पेक्टर, एसआई की कमी और लगातार वीआरएस के कारण बनी है। साढ़े तीन माह में एक हजार करोड़ रुपए की वसूली का लक्ष्य है और आलम यह है कि आयुक्त का पद भी खाली है।
पढ़ोरा 25 से 30 लाख फूफ 15 से 20 लाख लगभग मासिक राजस्व वसूली वाले हैं। ऐसे में चेकपोस्ट प्रभारी को जुर्माना चालान बनाने के अधिकार ही नहीं हैं तो यहां राजस्व वसूली कैसे हो रही है। विभाग में इंस्पेक्टर के 74 पद हैं, जबकि उपलब्ध 42 हैं। इनमें से भी चार हाल ही में वीआरएस ले चुके हैं।
एसआई से छोटा अफसर नहीं ले सकता जुर्माना
^मोटरव्हीकल एक्ट 1988, सेक्शन 130 वर्ष 1994 के रूल 105 में यह प्रावधान है कि सब इंस्पेक्टर से नीचे का कोई भी अफसर जुर्माना या चालान नहीं बना सकता। मप्र के कराधान अधिनियम की धारा 16 रूल 16 में भी यह प्रावधान हैं कि सब इंस्पेक्टर से नीचे की रैंक का कोई भी अफसर जुर्माना नहीं ले सकता।’’ आरडीशर्मा, वरिष्ठअभिभाषक
^चेकपोस्ट का प्रभार दिया गया है, इसलिए प्रभारी को अधिकार भी दिए जा सकते हैं। आरकेजैन, प्रभारीआयुक्त, परिवहन