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‘2.58 लाख देकर रखवाया ट्रांसफार्मर फिर भी बना दिया बिजली चोरी का केस’

7 वर्ष पहले
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मामला सुलझा, उपहार में मिले पौधे

बारिश के चलते काउंटरों से भीड़ गायब

लोक अदालत| बिजली कंपनी के काउंटर पर दिखी ज्यादा भीड़, अन्य काउंटर्स पर भीड़ रही कम

लोक अदालत में केस लेकर आए इंदौर खतौरा के किसानों की अफसरों ने नहीं की सुनवाई।

भास्करसंवाददाता| शिवपुरी

साहब।हमने ठेकेदार को 2.50 लाख रुपए देकर डीपी रखवाई। ठेकेदार ने रसीद नहीं दी और कह दिया कि तुम तो अपने पंप चलाओ। बमुश्किल 10 दिन ही पंप चलाया था कि बिजली कंपनी के अफसरों ने छापामार कार्रवाई कर हमारे ऊपर बिजली चोरी का केस बना दिया और 29 हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया। अब हम लोक अदालत में अपना केस लेकर आए हैं लेकिन यहां अफसर हमारी सुन ही नहीं रहे हैं। यह व्यथा शनिवार को जिला न्यायालय परिसर में चल रही लोक अदालत में आए इंदौर खतौरा के आधा दर्जन ग्रामीणों ने सुनाई।

किसान लालसिंह, कमलू लोधी, सीता केवट, जगदीश लोधी, अर्जुन रघुवंशी कल्लू खान ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में बिजली कनेक्शन के लिए प्राइवेट ठेकेदार अमित गुर्जर को गांव के ही हरिओम रघुवंशी के माध्यम से 43-43 हजार रुपए जमा किए थे। अमित ने जमा की गई राशि की कोई रसीद नहीं दी डीपी रखकर किसानों को कह दिया कि अपने पंप चलाओ, अब सीधे बिल आएगा। पंप चलाने के चार दिन बाद ही 6 नवंबर 2013 को बिजली कंपनी की टीम पहुंच गई और सभी किसानों पर बिजली चोरी का प्रकरण बनाकर 29 हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया।

इंदौर खतौरा के यह किसान इस केस में रियासत की उम्मीद लेकर शनिवार को लोक अदालत पहुंचे लेकिन बिजली कंपनी के काउंटर पर बैठे अफसरों ने दो टूंक कह दिया कि पहले पूरा जुर्माना जमा कराओ, उसके बाद तुम्हारी सुनवाई होगी। किसान मायूस होकर लौट गए।

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