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40 लाख से बनेगा अस्पताल का खुद का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

5 वर्ष पहले
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पीएचई के सीवर प्रोजेक्ट में देरी के चलते लिया निर्णय

भास्कर संवाददाता | शिवपुरी

जिला अस्पताल में अब 40 लाख रुपए के बजट से नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा। इसके लिए पीडब्ल्यूडी पीआईयू ने काम शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में एनएचआरएम के 16 करोड़ रुपए के बजट से जो उन्नयन काम हो रहा है। उसी बजट से अस्पताल में अब नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। अस्पताल उन्नयन का काम देख रही पीडब्ल्यूडी पीआईयू की पहले योजना थी कि शहर में पीएचई द्वारा जो सीवर प्रोजेक्ट का काम किया जा रहा है उसी प्रोजेक्ट में अस्पताल का सीवेज अटैच कर दिया जाए लेकिन अभी इस प्रोजेक्ट का काम उस गति से नहीं चल रहा है जो अपेक्षा थी। अभी तक इस सीवर प्रोजेक्ट के तहत जिला अस्पताल के सामने तक ही लाइन नहीं पहुंची है। इसलिए पीडब्ल्यूडी पीआईयू ने निर्णय लिया है कि अब अस्पताल की सीवेज लाइन अलग से डाली जाएगी। इसके लिए अब 40 लाख रुपए के बजट से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू कर दिया गया है।

भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए बनेगा प्लांट

जिला अस्पताल में जो नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। वह यहां आने वाले मरीज और अटेंडर के हिसाब से बनाया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी पीआईयू के अफसरों का कहना है कि नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का निर्णय इसलिए भी लेना पड़ा कि जिस तरह से यहां पर नई पांच मंजिला बिल्डिंग बनाई जा रही है। उस हिसाब से अस्पताल में गंदगी की निकासी व इसके निस्तारण के लिए आवश्यक इंतजाम हो। जिससे बाद में परेशानी न हो। वर्तमान में अस्पताल में पुरानी सीवेज लाइन है जो जगह-जगह से टूटी हुई है। ओवर फ्लो के कारण आए दिन गंदगी टैंकों से बाहर निकलती है जिसकी बदबू से लोग परेशान रहते हैं।

जिला अस्पताल परिसर का विहंगम दृश्य।

चार माह में बनकर तैयार हो जाएगी पूरी बिल्डिंग
जिला अस्पताल उन्नयन का काम इस समय तेज गति से चल रहा है। पांच मंजिला भवन का काम जून 2016 तक पूर्ण हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी पीआईयू के अफसरों का कहना है कि 16 करोड़ के बजट से अभी यहां पर इस निर्माण के काम के दौरान फ्रंट लॉबी, किचिन, ब्लॉक, ड्रग स्टोर, लाउंड्री ब्लॉक पूरी बन चुकी है। जो पांच मंजिला भवन बनाया जा रहा है उसमें पूरी पांचों मंजिल की बेस और दीवार बनकर तैयार हो चुकी है।

अस्पताल का खुद का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा
जिला अस्पताल का खुद का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा। इसके लिए काम शुरू हो गया है। दो महीने में इसे बनाने की योजना है। डॉ एसएस गुर्जर , आरएमओ, जिला अस्पताल शिवपुरी

जून तक पूरा काम कर देंगे

सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम तेज गति से चल रहा है। बिल्डिंग के दूसरे काम भी लगभग पूरे हैं। जून तक पूरा काम कर देंगे। जिनेश जैन, ठेकेदार शिवपुरी

हमने प्लान बदल दिया है

पहले हमारी योजना थी कि पीएचई के सीवर प्रोजेक्ट में ही अस्पताल की सीवर लाइन अटैच की जाए। लेकिन अब हमने प्लान बदल दिया है। अब 40 लाख के बजट से नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट अस्पताल परिसर में ही बनाया जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में सुविधा होगी। सीपी वर्मा, ईई, पीडब्ल्यूडी पीआईयू शिवपुरी

जिला अस्पताल में यह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट नगर पालिका गेट के सामने वाले एरिया और पुल के पास बनाया जा रहा है।

इसमें सीवेज निकासी के लिए इंटरनल पीवीसी पाइप लाइन डाली जाएगी। जिसमें सीवेज कलेक्शन और बायोलॉजिकल ब्लड के अलावा गंदगी की निकासी के लिए पर्याप्त इंतजाम होंगे।

अस्पताल में प्रतिमाह 5 से 6 हजार मरीज भर्ती होते हैं। इनके साथ अटेंडेंट की संख्या अलग रहती है। इसलिए इस संख्या के मान से आगामी 15 वर्ष के लिए यह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट होगा।

बॉयोलॉजिकल कचरा निपाटने में होगी सुविधा
वर्ष 2010 में मंजूर इस प्रोजेक्ट के तहत पहले इस बजट से शहर से दूर नया अस्पताल बनाने की योजना थी लेकिन बाद में पुराने अस्पताल में ही इस प्रोजेक्ट के बजट से पांच मंजिला भवन तैयार करने की रूपरेखा बनी।

नए की बजाय पुराने अस्पताल में ही उन्नयन का काम करने की प्लानिंग में ही तीन साल गए गए। इसके बाद वर्ष 2013 में इस काम के टेंडर हुए।

इसके बाद टेंडर प्रक्रिया में एक फर्म सत्या इंफ्रास्ट्रक्चर ने गलत कागजात लगाकर फर्जी तरीके से टेंडर हासिल करने की कोशिश की जिससे प्रक्रिया लटक गई।

एक साल तक टेंडर उलझा रहा बाद में दूसरी कंपनी को टेंडर दिया गया। जिस नई कंपनी को काम सौंपा गया उसे जून 2016 तक काम पूरा करना है।

कई बार अड़चनों के बाद भी समय पर पूरा हो रहा है काम
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