फीडर कर्मी जमा करेंगे बिजली बिल, देंगे रसीद
उपभोक्ता सुविधा के लिए फीडर कर्मी मौके पर ही देंगे रसीद
भास्कर संवाददाता | शिवपुरी
शहर और ग्रामीण क्षेत्र में बिजली कंपनी अपनी बकाया राशि वसूलने के लिए फीडर पर जो कर्मचारी तैनात हैं उनके अधिकार बढ़ाने जा रही है। कंपनी प्रदेश में उपभोक्ता की सुविधा के लिए बिजली का बीट सिस्टम एक मार्च से लागू कर रही है। इस व्यवस्था में फीडर से जुड़े कर्मी को राजस्व वसूली की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। नई व्यवस्था में बिजली कंपनी ने फीडर कर्मी (फीडर से जुड़े लाइन कर्मचारी) को मनी रसीद बुक भी जारी की है। यह फीडर कर्मी बिजली बिल वितरित करने के बाद उन उपभोक्ताओं से राशि ले सकेंगे, जिन्होंने बिजली बिल जमा नहीं किए हैं। अपने फीडर में यह बिजली कर्मचारी बकाया राशि लेकर के सीधे उपभोक्ता को रसीदें दे सकेंगे।
पूरे जिले में इस समय शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में जो उपभोक्ता हैं उन पर बिजली कंपनी के 85 करोड़ रुपए लटके पड़े हैं। अफसरों का कहना है कि यह नया सिस्टम वसूली में मददगार रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि कई बार स्थिति यह बनती है कि गांव में जब बिजली कर्मचारी या फीडर प्रभारी वसूली पर जाते हैं तो रसीद नहीं होती है लेकिन अब यह दिक्कत नहीं आएगी। रसीद कट्टा फीडर कर्मी पर रहेगा तो पैसा मिलते ही यह रसीदें दे सकते हैं।
कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है
उपभोक्ता की सुविधा के लिए बिजली का बीट सिस्टम एक मार्च से लागू होगा। इस व्यवस्था में फीडर से जुड़े कर्मी को राजस्व वसूली की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। सीके जैन, उपमहाप्रबंधक, बिजली कंपनी शिवपुरी
यह काम भी करेंगे फीडर कर्मी
यह कर्मचारी या फीडर कर्मी अस्थाई कृषि पम्प कनेक्शन की रसीद भी जारी कर सकेंगे।
नए कनेक्शन का फार्म भरवाकर रसीद भी जारी कर सकेंगे और बिजली से जुड़े ऐसे सभी काम, जिनसे कंपनी को पैसा मिलता है उसके एवज में पक्की रसीद देंगे।
पैसा लेने के बाद फीडर कर्मी द्वारा प्राप्त रसीदों का मिलान बिजली कंपनी के वितरण केन्द्र द्वारा किया जाएगा। इस व्यवस्था से बिजली कंपनी को सही समय पर राजस्व मिल सकेगा।
कवायद