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एंबुलेंस के इंतजार में तीन घंटे तक जमीन पर ‘जननी’

7 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल के पास दो बड़ी एंबुलेंस, ड्राइवर एक भी नहीं।

भास्करसंवाददाता| शिवपुरी

जिलाअस्पताल में सोमवार की दोपहर एक प्रसूता का ग्वालियर रैफर पर्चा बनाकर मेटरनिटी वार्ड से बाहर कर दिया। प्रसूता को तीन घंटे तक जमीन पर लेटकर एंबुलेंस के आने का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान उसके परिजन भी जमीन पर ही बैठे रहे। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि हमारे पास दो बड़ी एंबुलेंस तो हैं, लेकिन ड्राइवर नहीं हैं।

खनियांधाना के ग्राम अछरौनी में रहने वाली रामसखी प|ी श्रीराम साहू, को रविवार की रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला डॉक्टर अंजना जैन ने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन से डिलीवरी होगी और उसके लिए ए-पॉजीटिव खून की जरूरत पड़ेगी। बाहर से आए इस परिवार के पास खून की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए महिला का 12.30 बजे ग्वालियर रैफर का पर्चा बना कर पूरे परिवार सहित मेटरनिटी वार्ड से बाहर कर दिया। व्यवस्था से अनजान यह परिवार अस्पताल परिसर में ही जमीन पर महिला को लिटाकर एंबुलेंस का इंतजार करने लगा। तभी एक एंबुलेंस में एक अन्य प्रसूता को ग्वालियर भेजा जा रहा था।

रामसखी के परिजन को सलाह दी गई कि इसी एंबुलेंस में एडजेस्ट करके बैठ जाओ। वरना जो एंबुलेंस पहले ग्वालियर गई है, उसके आने का इंतजार करना पड़ेगा। महिला की हालत ऐसी नहीं थी कि वो बैठकर जा पाती, तो यह परिवार यूं ही जमीन पर महिला को लिटाकर ग्वालियर से एंबुलेंस के लौटने का इंतजार करता रहा। दोपहर लगभग 3.30 बजे महिला को लेकर परिवार ग्वालियर रवाना हुआ।

िजला अस्पताल के बाहर एंबुलेंस के इंतजार में जमीन पर लेटी प्रसूता।

अस्पताल में दो बड़ी एंबुलेंस हैं पर ड्राइवर नहीं

Ãप्रसूताओंकोग्वालियर ले जाने की जिम्मेदारी अब 108 एंबुलेंस पर है। क्योंकि जिला अस्पताल में दो बड़ी एंबुलेंस तो हैं, लेकिन उसके ड्राइवर नहीं हैं। यह मामला मेरे सीएस के सामने भी आया था, तो हमने यह सलाह दी थी कि जो मरीज एंबुलेंस में जा रही है, वो भी गंभीर है। इसलिए उसके साथ ही अपने मरीज को भी भेज दो, तुम किसी दूसरे साधन से पीछे से चले जाओ। शायद वो तैयार नहीं हुए।

-डॉ.एएलशर्मा, आरएमओ,जिला अस्पताल