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5 आदिवासी छात्राओं को दिला रहे हैं बेहतर शिक्षा और बेटियों को भी गोद लेने का प्लान

6 वर्ष पहले
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शहर की सामाजिक संस्था भारत विकास परिषद ने पांच आदिवासी छात्राओं को गोद लेकर उन्हें शिक्षित बनाने का संकल्प लिया है।

9 माह पूर्व शिवपुरी के आदिवासी गांव नीमदांडा में भारत विकास परिषद के युवा साथी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाने गए। जहां गांव की कुछ ऐसी आदिवासी बेटियां जिन्होंने कक्षा 8 की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। उन्होंने परिषद के सदस्यों को बताया कि वे आगे भी पढ़ाई करना चाहती हैं। लेकिन गांव में स्कूल नहीं है। और वह आगे पढ़ना चाहती हैं।

ग्राम नीमदांडा से आदिवासी छात्राओं को लाकर परिषद के सदस्यों ने उन्हें शिवपुरी के फतेहपुर स्थित आदिवासी छात्रावास में प्रवेश दिलाया और इनकी सभी व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी भी सदस्यों ने अपने ऊपर ली। अब जुलाई से इनकी कक्षा 9 की पढ़ाई छात्रावास में चल रही है। तथा वर्तमान में ये सभी छात्राएं परीक्षाएं दे रही है। फिलहाल छात्रावास में काजल, रवीना, रुबी,धनवंती और गुंजा अध्ययनरत हैं।

काजल, रवीना, रूबी, धनवंती और गुंजा को मिला छात्रावास में दाखिला
5 बेटियों को गोद लिया है
पहली वार हमने 5 आदिवासी बेटियों को गोद लेकर उन्हें शिक्षित बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब आगे इस दिशा में हम और बेटियों को हर संभव मदद देने की पहल संस्था के बैनर तले करेंगे। अनिल अग्रवाल, प्रांतीय मार्गदर्शक भारत विकास परिषद शिवपुरी