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रैन बसेरा में ठेकेदार का सामान, अटेंडेंट खुले में सोने को मजबूर
सीएस बोले: नपा के अंडर में है रैन बसेरा, नपा सीएमओ ने कहा, हमें कोई लेना-देना नहीं
भास्करसंवाददाता| शिवपुरी
जिलाअस्पताल परिसर में बने रैन बसेरा में कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार का माल भरा होने की वजह से बरसात के इन दिनों में मरीजों के परिजन बेहाल हैं। ठिठुरती रात में वे अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे किराए की रजाई ओढ़कर किसी तरह रात गुजार रहे हैं। खास बात यह है कि सिविल सर्जन ने रैन बसेरा का संचालन नगरपालिका द्वारा कराया जाना बताया, जबकि नपा सीएमओ का कहना है कि हमें अस्पताल के रैन बसेरा से कोई लेना-देना नहीं। बड़ा सवाल यह है कि रैन बसेरा का जब कोई रखवाला ही नहीं है तो अस्पताल परिसर में इतनी जगह घेरकर क्यों इसे बनाया गया..ω
जिला अस्पताल में शनिवार की रात 10 बजे जब पारा 7 डिग्री सेल्सियस पर था और सर्द हवाएं लोगों को घर में दुबकने को मजबूर कर रही थीं, तब भास्कर के फोटो जर्नलिस्ट नरेंद्र शर्मा ने अस्पताल परिसर में कुछ यह देखा-
{ पर्चा बनने वाले काउंटरों के सामने खुली जगह पर जालियों के बीच पांच लोग किराए की रजाई में जमीन पर दुबके सो रहे थे। जिनमें अधिकांश बुजुर्ग महिला-पुरुष हैं, जिन्हें सर्दी जल्दी अपना शिकार बना सकती है।
{ नई ओपीडी के गेट के सामने खुले में दो लोग रजाई-कंबल में ओढ़कर सो रहे थे। जो सर्द हवाओं के बीच बमुश्किल ठंड से पूरी रात बचाव करते रहे।
{ जिला अस्पताल के अंदर फर्श पर भी लगभग एक दर्जन मरीजों के अटेंडेंट किराए की रजाई के सहारे सर्दी से बचने का प्रयास करते नजर आए।
{ खुले में सो रहे लोगों से जब चर्चा करने का प्रयास किया तो वे यही बोले कि ये सर्द रात गुजर जाए और हम सुबह तक जिंदा रहें, यही हमारी भगवान से प्रार्थना है।
जबआने वाले थे सीएम तब अस्पताल प्रबंधन ने ही किया था अंदर : यादरहे कि आम आदमी पार्टी की तर्ज पर जब रैन बसेरा के हालात देखने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भोपाल में दौरे कर रहे थे, तभी यह सूचना शिवपुरी आई थी कि सीएम आने वाले हैं। तब आधी रात में अस्पताल प्रबंधन ने बाहर किराए के रजाई गद्दे लेकर सो रहे मरीजों के परिजन को नींद में से उठाकर रैन बसेरा में शिफ्ट करवाया था। तब यदि रैन बसेरा की जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन की नहीं थी तो फिर यह कवायद क्यों की गईω।
कड़ाके की सर्दी में जिला अस्पताल परिसर में खुले में