- Hindi News
- ‘रेत मिलने से समय सीमा में पूरे नहीं होंगे निर्माण कार्य’
‘रेत मिलने से समय-सीमा में पूरे नहीं होंगे निर्माण कार्य’
ठेकेदारों ने पीआईयू इंजीनियरों को लिखे पत्र।
भास्करसंवाददाता| शिवपुरी
जिलाप्रशासन ने रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई क्या की, आमजन के साथ शासकीय निर्माण कार्य भी ठप हो गए। जिले में मॉडल स्कूल बनवा रहे पीआईयू (प्रोजेक्ट इम्लीमेंटेशन यूनिट) के ईई को ठेकेदारों ने पत्र लिखकर दे दिए कि रेत की कमी के चलते समय-सीमा में काम पूरे नहीं हो पाएंगे। अब ईई शासन को इस समस्या के संबंध में पत्र भेज रहे हैं।
सरकारीकाम कर रहे ठेकेदारों ने किए हाथ खड़े :जिले में शासकीय मॉडल स्कूल बना रहे ठेकेदारों के अलावा अन्य सरकारी भवन बनाने वालों ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को पत्र लिखकर बता दिया है कि समय सीमा में काम पूरे नहीं हो पाएंगे, क्योंकि हमें रेत नहीं मिल पा रहा। जब अधिकारियों ने बताया कि शिवपुरी से बाहर का रेत मंगवा लो तो उनका कहना है कि उसे भी तो पुलिस एवं राजस्व वाले पकड़ लेते हैं, इसलिए काम नहीं हो पा रहा है।
जब्तरेत की नीलामी प्रक्रिया जल्द पूरी करेंगे: जिनठेकेदारों ने काम लिया है, उन्होंने रॉ-मटेरियल कहां से लाएंगे, यह भी लिखा होगा। वे दूसरी जगह से रेत मंगवा लें। पहले सस्ता रेत यहीं से ले लेते थे, इसलिए अब उन्हें महंगा रेत खरीदने में परेशानी है। जब्तशुदा रेत को नीलाम करने की प्रक्रिया माइनिंग विभाग कर रहा है।
शिवपुरी| रेत की कमी के चलते अधूरे निर्माण कार्य।
दीपावली तक घर बन पाना मुश्किल
Ãफिजिकलनिवासीमातादीन अग्रवाल ने भवन निर्माण ठेकेदार सतीश कुशवाह को नया मकान बनाने का ठेका दिया है। जिसमें यह तय हुआ था कि दीपावली से पहले मकान बनकर तैयार हो जाए, ताकि शुभ मुहूर्त में गृह प्रवेश किया जा सके। चूंकि ठेका हमने पहले कर लिया था, इसलिए महंगा रेत खरीदने का नुकसान भी हमें ही भुगतना पड़ा। फिर भी दीपावली तक मकान पूरा होना मुश्किल लग रहा है।
-सतीशकुशवाह,भवननिर्माणठेकेदार
रेत बंद होने से सभी पर पड़ रहा असर
{प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद कई ऐसे मकान जो दीपावली तक बनकर तैयार होने थे, उनके गृह प्रवेश का मुहूर्त आगे बढ़ना तय है।
{ आमजन को जो रेत का डंपर 12 हजार रुपए में मिलता था, वो रात के अंधेरे में 17 हजार रुपए में खरीदना पड़ रहा है। यानि सीधे 5 हजार रुपए की एक डंपर रेत पर चपत लग रही है।
{ कामकाज ठप हो जाने से कारीगर मजदूर भी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए ह