गरीब हैं, पाटौर में रहते हैं फिर भी निरस्त कर दिए बीपीएल कार्ड
बीपीएल राशन कार्ड निरस्त होने से नहीं मिल रहा राशन, खाने तक के लाले पड़े
भास्कर संवाददाता | शिवपुरी
शहर के वार्ड 35 में रहने वाले एक दर्जन से ज्यादा लोगों ने मंगलवार को जनसुनवाई में शिकायत करते हुए बताया कि वह गरीब श्रेणी में आते हैं फिर भी नियम विरुद्ध तरीके से उनके बीपीएल कार्ड निरस्त कर दिए गए। इस वार्ड के हिदायत खान, मतिरा प्रजापति,, उस्मान, पप्पू प्रजापति, राजू प्रजापति, अयूब खान आदि ने बताया कि वह मजदूरी कर अपना पेट पालते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उनके बीपीएल कार्ड बनाए गए थे लेकिन दो महीने पहले मनमाने ढंग से उनके यह कार्ड निरस्त कर दिए गए। अब स्थिति यह है कि उनके यह कार्ड निरस्त होने से खाने तक के लाले पड़ गए हैं। कार्ड निरस्त होने से कंट्रोल दुकान संचालक उन्हें राशन नहीं दे रहा है। पूर्व में दो बार वह जनसुनवाई में आकर के शिकायत कर चुके हैं इसके बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। इन लोगों का कहना है कि नपा के कर्मचारियों ने झूठे सर्वे के आधार पर उनके कार्ड निरस्त किए हैं।
मंदिर की जमीन पर दबंगों का कब्जा
शिवपुरी तहसील के रातौर गांव के कुछ ग्रामीणों ने कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया कि गांव के प्राचीन रामजानकी मंदिर की 27 बीघा जमीन पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने कब्जा कर लिया है। यह दबंग लोग इस कृषि भूमि पर अपने हिसाब से कब्जा कर खेती किसानी कर रहे हैं। इस जमीन पर खेती से जो आय हो रही है उसे मंदिर की जीर्णोद्घार और संचालन में नहीं लगाया जा रहा है। इन ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मंदिर संचालन की संपत्ति व इसके संचालन के लिए समिति बनाई जाए। साथ ही इस जमीन को दबंगों से मुक्त करा प्रशासन अपने आधिपत्य में ले।
चार महीने से नहीं मिली विधवा पेंशन
शिवपुरी जनपद अंतर्गत भानगढ़ गांव की आदिवासी महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्टर को शिकायत करते हुए बताया कि उन्हें चार महीने से विधवा पेंशन नहीं मिली है। इन महिलाओं का कहना था कि वह सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं और कोई सुनवाई नहीं हो रही है। शिकायत सामने आने के बाद कलेक्टर ने सामाजिक कल्याण विभाग के उपसंचालक एचआर वर्मा को तुरंत इनका मामले देखने के निर्देश दिए। बाद में उपसंचालक ने शिवपुरी जनपद में जाकर इनकी पेंशन की स्थिति को जाना तो पता चला कि नई ऑनलाइन पद्घति में जिस कियोस्क सेंटर पर इनका खाता खोला गया है वहां पर पैसा जा रहा है। वहीं इन महिलाओं का कहना है कि वह अपने गांवों के उप डाकघर में जब जाती हैं तो वहां पर पैसा न होने की बात कही जाती है। वहीं उप संचालक ने बताया कि नए सिरे से खाते खोले जाने के कारण ऐसी स्थिति बनी। अब इन महिलाओं को खांदी गांव में खोले गए कियोस्क सेंटर पर भेजकर इनको पेंशन दिलवाने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसी स्थिति भानगढ़ की नहीं दूसरी गांवों में भी ऐसा ही है। कुल मिलाकर आज भी कई हितग्राही ऐसे हैं जिन्हें समय पर पेंशन नहीं मिल रही है।