पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • तांत्रिक के कहने पर मां ने बच्चे को गर्म सलाखों से दागा

तांत्रिक के कहने पर मां ने बच्चे को गर्म सलाखों से दागा

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
निमोनिया से पीड़ित थे दोनों बच्चे

भास्कर संवाददाता|शिवपुरी

मंगलवार को जिला अस्पताल के शिशु वार्ड में परिजन निमोनिया से पीडि़त दो बच्चों को लेकर आए। परिजनों ने मेडीकल एड देने से पहले इन बच्चों का इलाज तांत्रिकों से करवाया। जिससे इनकी हालत और बिगड़ गई। डॉक्टरों का कहना है कि इन्हें लोहे की गर्म छड़ और सुई से दागा है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें भर्ती कर इनका इलाज शुरु कर दिया है।

बच्चों की स्थिति ठीक है
अंधविश्वास की वजह से ये सब होता है। फिलहाल बच्चे ठीक हैं। हम उनका इलाज कर रहे हैं। डाॅ. निसार अहमद, शिशु रोग विशेषज्ञ

सूचना पर भर्ती कराया

हमें सूचना मिली थी कि यहां पर एक महिला प्रशिक्षण के लिए आई हुई है। उसके पास जो बच्च है उसे गर्म छड़ वगैरह से किसी ने दागा है। सूचना पर वहां पहुंचे और बच्चे को अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। नबी अहमद,सेंटर कॉडीनेटर चाइल्ड लाइन

चाइल्ड लाइन लेकर पहुंची अस्पताल
जिला अस्पताल में मां की गोद में महावीर परिहार।

बच्चा बीमार हो तो पूरा गांव ऐसे ही कराता है इलाज
टोंगरा में जब भी कोई बच्चा बीमार होता है तो उसका इलाज ऐसे ही किया जाता है। मेरे दो बच्चे और हैं उनमें एक बीमार हुआ था तो पहले बड़े - बुजुर्गो ने दागने की ही सलाह दी थी। वो ठीक हो गया था। इस बार भी जब महावीर बीमार हुआ तो हमने वैसा ही किया लेकिन इसकी तबीयत बिगड़ गई।

(जैसा महावीर परिहार की मां सुरु उर्फ सुमन ने दैनिक भास्कर को बताया)

मंगलवार को सुबह दीपेंद्र पुत्र प्रमोद आदिवासी उम्र 4 माह को उसकी मां बिंद्रा के साथ चाइल्ड लाइन लेकर पहुंची। उसकी मां ने बातचीत करते हुए बताया कि उसे निमानिया हुआ था तो किसी करीबी रिश्तेदार ने उसे सलाह दे दी कि तू इसके पेट पर सुई को गर्म करके दाग दे तो ये ठीक हो जाएगा। उसके बाद उसने ऐसा ही किया। मंगलवार को सिलाई मशीन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जब बच्चे के साथ मां पहुंची तो किसी ने चाइल्ड लाइन को सूचना दे दी। जिसके बाद चाइल्ड लाइन ने बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया। इससे पहले एक दूसरा बच्चा महावीर पुत्र सोनू परिहार उम्र 7 माह निवासी लालमाटी को निमोनिया होने पर उसके परिजन करीब 10 दिन पहले ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। वहां पास ही के बेड पर भर्ती एक महिला ने उसे बच्चे को तांत्रिक से झड़वाने की सलाह दी। इसके बाद उसकी मां सुरु उसे उस महिला के साथ तांत्रिक के पास ले गई। जहां उसने बच्चे को गर्म छड़ से दाग कर निमोनिया ठीक कर देने का का वादा किया था। उसके दो दिन बाद जब बच्चे की तबियत खराब हो गई तो परिजन उसे अस्पताल लेकर आए। फिलहाल दोनों बच्चे ठीक हैं।



खबरें और भी हैं...