‘समाज वृद्धजन के अनुभवों का लाभ लें’
शिवपुरी|वर्तमान परिवेशमें संयुक्त परिवार के विघटन होने एवं युवा पीढ़ी के आर्थिक आत्मनिर्भर होने के कारण परिवार में बुजुर्गों का वित्तीय नियंत्रण कम हुआ है, लेकिन आवश्यकता इस बात की है कि हम वृद्धजन के दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ परिवार, समाज एवं जिले के विकास में ले। यह बात बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर ’वृद्धजन के अधिकार’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में कही। श्री दुबे ने कहा कि हम सभी शासकीय सेवकों का दायित्व ऐसा होना चाहिए कि वृद्धजन को बिना परेशानी के उनको हक मिले और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने हेतु भटकना पड़े।
अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक एमएल छारी ने कहा कि आज की पीढ़ी में ममता, प्रेम एवं संस्कारों की जो कमी महसूस की जा रही है उसके पीछे माता-पिता का बच्चों पर पूरा ध्यान नहीं देना है। अत: माता-पिता अपने बच्चों को पूरी जिम्मेदारी के साथ समय दें। सिविल जज वर्ग-2 एमएनएच रजवी ने वृद्धजन के मानवाधिकारों के संबंध में प्रकाश डालते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ के सामने वृद्धजन के अधिकारों के लिए अर्जेंटीना ने सबसे पहले मांग रखी थी। कार्यशाला में आयोग मित्र एवं जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया ने भी उद्बोधन दिया।