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कार्रवाई से बचने अफसर शिकायतों के निराकरण की दे रहे झूठी जानकारी

7 वर्ष पहले
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सीएमहेल्पलाइन में जनता की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है। जबकि सात दिन में निराकरण की समयसीमा तय होने से कार्रवाई से बचने जिम्मेदार अफसर आनन-फानन में निराकरण की गलत रिपोर्ट पेश कर रहे हैं। ऐसा करके वे पीड़ित व्यक्ति को गुमराह कर रहे हैं। मालूम हो, कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 31 जुलाई को इस योजना का शुभारंभ किया था। तब से 21 अगस्त तक 1434 शिकायतें हेल्पलाइन के कॉल सेंटर पर दर्ज हो चुकी हैं।

सबसेज्यादा पंचायत विभाग की शिकायतें लंबित: सीएमहेल्पलाइन में 11 सितंबर तक 1032 शिकायतें लंबित है। इनमें लेवल-1 में516, लेवल-2 में 271, लेवल-3 में 162, लेवल-4 में 83 शिकायतें लंबित हैं। सबसे ज्यादा पंचायत विभाग की शिकायतें 258, ऊर्जा विभाग की 134, राजस्व विभाग की 171, लोक शिक्षण 82 शिकायतें लंबित हैं। लेवल-4 में सबसे ज्यादा पंचायत विभाग की शिकायतें 24 लंबित हैं जबकि शिक्षा विभाग की 23, राजस्व विभाग की 12शिकायतें लेवल चार में लंबित हैं।

कलेक्टोरेट स्थित लोकसेवा केंद्र कार्यालय।

इस तरह कर सकते हैं शिकायत : {आम जन को कोई शिकायत हैं तो १८१ पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। { इसके बाद जब वह शिकायत के निराकरण से संतुष्ट नहीं तो वह लेवल दो, तीन चार में जाती हैं। { आवेदक दो तीन लेवल से संतुष्ट नहीं तो भोपाल से फोन आने पर वह अपनी वास्तविक स्थिति बताकर शिकायत को आगे के लेवल पर बढ़वा सकता है। आगे के लेवल पर शिकायत जब जाती है तो उसकी जांच वरिष्ठ अधिकारी करते हैं।

आवेदक संतुष्ट होने तक होती है मॉनीटरिंग

Ãअगरकिसीशिकायत में लेवल-1 में अधिकारी ने गलत जानकारी दी है तो आवेदन की शिकायत लेवल-2,3,4 में जाती है। अफसर की गलती वहां पकड़ में जाएगी। गलत जानकारी देने वाला अधिकारी बच नहीं पाएगा। जब शिकायत के समाधान से आवेदक संतुष्ट नहीं होता, तब तक मॉनीटरिंग होती है।

-राजीवचंद्रदुबे, कलेक्टरशिवपुरी

रिश्वत की शिकायत की तो गलत रिपोर्ट दे दी

कोलारसजनपद के चंदोरिया गांव के किसान कुलदीप कुशवाह ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन दिया। कुलदीप का अारोप है कि जनपद के एडीईओ अमरीश दुबे ने इसके एवज में 10 हजार रुपए रिश्वत के मांगे। जब रिश्वत नहीं दी गई तो आवास की किश्त रोक दी। पीड़ित किसान ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की। जब एडीईओ से जवाब मांगा गया तो उन्होंने बता दिया कि