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पार्किंग की जगह नहीं होने पर 19 मैरिज गार्डन किए सील
शहर के बड़े ज्वेलर्स की वाटिका पर नहीं की कार्रवाई
भास्करसंवाददाता| शिवपुरी
नगरपालिकाअमले को साथ लेकर पुलिस की मदद से प्रशासन ने गुरुवार को शहर के 19 मैरिज गार्डन एवं विवाह घरों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान कहीं भी कोई विरोध की स्थिति नहीं बनी। एक-दो जगह मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सील कर देने से उसके अंदर रह गए लोगों ने जरूर आपत्ति दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। दो दिन पहले मैरिज हाउस संचालकों को नोटिस दिए जाने की वजह से कहीं भी शादी की तैयारियां नहीं मिलीं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां मैरिज गार्डन संचालक सहमे हुए हैं, वहीं शहरवासी खुश हैं कि शादी की तारीखों में भी उन्हें अब सड़क जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
एसडीएम शिवपुरी डीके जैन, तहसीलदार आरके पांडेय, नपा सीएमओ कमलेश शर्मा, आरआई सौरभ गौड़ के साथ कोतवाली एवं देहात थाना के टीआई एवं पटवारियों को साथ लेकर निकली प्रशासन की यह टीम दोपहर लगभग दो बजे कार्रवाई के लिए शहर में निकली। शहर में संचालित 32 मैरिज हाउस की सूची लेकर नपा के कर्मचारी टीम के आगे-आगे चलते रहे और एक के बाद एक 19 मैरिज गार्डन को सील कर दिया। शाम हो जाने की वजह से प्रशासन की यह टीम वापस हो गई, शेष बचे विवाह घरों पर शुक्रवार को कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई का दूसरा पहलू यह भी रहा कि जिन विवाह घरों में शादियों की तैयारियां चल रहीं थीं, वहां यह टीम नहीं पहुंची। जिसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं सरगर्म रहीं।
प्रशासन ने नाई की बगिया में आशीर्वाद भवन, संजय लॉज कोर्ट रोड, शिवपुरी होटल, अग्रवाल धर्मशाला, जल मंदिर मैरिज हाउस, लश्करी गार्डन, प्रेम वाटिका, संस्कार मैरिज हाउस, बालजी मैरिज हाउस, शुभम होटल, लगन वाटिका, चौकसे धर्मशाला, लकी गार्डन, जुगल मैरिज हाउस, लवकुश मैरिज गार्डन, वंदना मैरिज गार्डन सहित बायपास की दो अन्य वाटिकाएं सील की हैं।
शहर के प्रमुख ज्वेलर्स एवं जमीन कारोबारी तेजमल सांखला की परिणय वाटिका एवं आरएस लोन में भी पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा सत्यम, शिवम, सुंदरम (जिनके अब नाम बदल दिए गए), दुर्गा मठ उसके सामने एक अन्य मैरिज हाउस की तरफ प्रशासन का अमला नहीं पहुंचा।
मैरिज गार्डन में ताला लगाते कर्मचारी।
आदेश पर हुआ दो साल बाद अमल
हाईकोर्टने दो वर्ष पहले ही निर्देश जारी किए थे कि जिन मैरिज गार्डन विवाह घरों के पास पार्किंग के लिए जगह नहीं है, वहां शादियां हों। इस पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई थी। अभी तक नगरपालिका एवं प्रशासन महज नोटिस जारी करके इस आदेश का पालन करवाने से खुद को दूर हटाता रहा। लेकिन पहली बार एसडीएम तहसीलदार की टीम ने नपा अधिकारियों को साथ लेकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
ये शर्तें करनी होंगी पूरी
{मैरिज गार्डन में संपूर्ण क्षेत्र का 35 प्रतिशत क्षेत्र खुला एवं पार्किंग के लिए आरक्षित हो।
{ खाद्य एवं डिस्पोजल के रूप में उपयोग किए गए कचरे को नष्ट करने की व्यवस्था की जाए।
{ डीजे की ध्वनि 10 डेसीबल से अधिक हो।
यहमिलेगी सुविधा
{शादी के दिनों में भी शहर के रास्ते अब जाम नहीं होंगे।
{ शहर के बीच स्थित मैरिज गार्डन में जब शादी नहीं होगी तो बारात भी नहीं निकलेंगी।
{ शादी के बाद मैरिज हॉल के बाहर फेंके जाने वाले कचरे खाद्य सामग्री की सड़ांध से राहत मिलेगी।
जब शर्तें पूरी करेंगे, तब खुलेंगे मैरिज गार्डन
^हाईकोर्टके आदेश में जो शर्तें बताई गईं हैं, उन्हें जो मैरिज हॉल पूरा करेंगे, उनकी सील हटाई जाएगी। अन्यथा ये इसी तरह बंद रहेंगे। न्यायालय आदेश के पालन में कार्रवाई की गई है, इसमें किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं किया गया। डीकेजैन, एसडीएम शिवपुरी