पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पंजीयन सत्यापन का काम धीमा, किसान हो रहे परेशान

पंजीयन सत्यापन का काम धीमा, किसान हो रहे परेशान

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
राजस्व अमले को करना है सत्यापन

भास्करसंवाददाता|शिवपुरी

अगलेमहीने से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन प्रक्रिया में नए किसान रूचि नहीं ले रहे हैं। गेहूं बेचने के लिए किसानों के रजिस्ट्रेशन का जो काम 15 जनवरी से शुरू हुआ था उसमें 11 फरवरी तक मात्र 44 नए किसानों ने ही पंजीयन कराया है। पंजीयन का यह काम 15 फरवरी तक चलना है और इसमें अब तीन दिन शेष हैं। लगभग एक महीने तक चले पंजीयन के कार्य में किसानों द्वारा रुचि लिए जाने के बाद अब तीन दिन में कितने नए किसान पंजीयन हो पाएंगे यह देखना होगा। पिछले साल तक 50212 किसानों ने अपना पंजीयन गेहूं बेचने के लिए करवाया था। इन किसानों को केवल अपने रकबे फसल के बारे में बताना हैं नए सिरे से इन्हें पंजीयन की आवश्यकता नहीं है।

सत्यापनका काम धीमा

समर्थनमूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए जिन किसानों ने अपना पंजीयन कराया है। उन किसानों का सत्यापन कार्य भी होना है लेकिन राजस्व अमला इस काम में लेटलतीफी दिखा रहा है। बीते साल के पंजीयन के आधार पर देखा जाए तो 50212 किसानों ने पंजीयन कराया था जिनका सत्यापन करना है लेकिन अभी इस मामले में काफी धीमी गति से काम चल रहा है। संबंधित अनुविभाग क्षेत्र के तहसीलदार पटवारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कलेक्टर राजीव दुबे के सामने बुधवार को जब यह मामला सामने आया तो उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए है कि वह इस काम में तेजी लाएं।

चुनावमेें व्यस्तता का बनाया बहाना

पंजीकृतकिसानों ने खेतों में गेहूं ही बोया है कि नहीं इस बात का पता राजस्व अमले को करना है लेकिन इस काम में पंचायत चुनाव की व्यस्तता का बहाना बनाकर के काम लटकाया जा रहा है। जिले में फर्जी किसानों का पता लगाने का काम धीमा है और जिस गति से सत्यापन होना चाहिए वह नहीं हो रहा है। इन 50 हजार पंजीकृत किसानों में कहीं फर्जी किसानों ने अपना पंजीकरण तो नहीं करा रखा। इस बात का पता करने में राजस्व अमला निष्क्रियता दिखा रहा है।

माफियाउठा सकते हैं फायदा

जिसतरह से इस समय पंजीकृत किसानों के सत्यापन का काम ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है, उससे अब ऐसी संभावना है कि इसका लाभ राशन कारोबार से जुड़े गेहूं माफिया उठा सकते हैं। इसलिए ऐसी संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन को सत्यापन का काम तेजी से करना चाहिए।

अनाज मंडी में बोरी में गेहूं भरते मजदूर।

पूर्व में पकड़ी जा चुकी हैं गड़बड़ियां

{पूर्व में पिछोर, खनियांधाना, दिनारा में समर्थन मूल्य पर खरीदी के दौरान फर्जी किसानों के नाम पर तौल के मामले सामने चुके हैं।

{ दिनारा में कुछ केन्द्रों पर खरीदी पर गड़बड़ी पर सहकारी और मार्केटिंग से जुड़े कर्ताधर्ता पर एफआईआर हो चुकी है।

{ पिछोर में खरीदी कम और भुगतान ज्यादा ऐसे मामले जांच में हैं।

अधिकतरकिसानों ने पंजीयन करा लिया है

^नएपंजीयन में लोग इसलिए रुचि नहीं दिखा रहे क्योंकि पहले ही अधिकतर किसानों ने अपना पंजीयन करा लिया है। सत्यापन के काम के लिए बैठक के दौरान राजस्व अमले को कलेक्टर साहब ने बोला है। महेशवर्मा, जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम शिवपुरी

तहसीलदार पटवारियों को यह रिपोर्ट देना है

^राजस्वअमले को सत्यापन के काम के लिए बोला गया है। तहसीलदार पटवारियों को यह रिपोर्ट देना है। संबंधित अनुविभागों से रिपोर्ट आते ही आगे का काम होगा। एपीप्रजापति, सहायक आपूर्ति अधिकारी

फैक्ट फाइल

{63 केंद्रों पर होगी इस बार गेहूं खरीदी { 50212 किसानों का पिछले साल का पंजीयन { 100 रुपए का अतिरिक्त बोनस इस बार नहीं मिलेगा { 44 नए किसानों ने ही मात्र एक महीने में पंजीयन कराया।