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पति-पत्नी दाेनों को हाउस रेंट का लाभ मिलेगा क्या ? जवाब: अलग रहने पर मिल सकेगा

4 वर्ष पहले
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अफसर और कर्मचारियों के के सवालों के जवाब भी दिए

भास्कर संवाददाता | शिवपुरी

शासकीय सेवा में पति प|ी दोनों है तो क्या दोनों हाउस रेंट का लाभ ले सकते है क्या। कर्मचारी द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए ग्वालियर से आयकर अधिकारी ने कहा कि यदि इन्कम अलग अलग है तो आपको यह भी दर्शाना होगा कि आप अलग अलग रहते है। यह ऐसा नहीं करते है तो गलत जानकारी इन्कम टैक्स विभाग को नहीं दे सकते। यह वह सवाल जवाब है जो कलेक्टोरेट परिसर में आयोजित हुई टीडीएस कार्यशाला में ग्वालियर से आए आयकर अधिकारी दिवाकर तिवारी ने कर्मचारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में कहे।

कार्यशाला में प्रश्न पूछते हुए कर्मचारी ने कहा कि किसी कर्मचारी का प|ी के नाम पर मकान है और वह उसमें किराए से रह रहा है तो इसे क्या माना जाएगा। अधिकारी बोले कि प|ी के नाम की किराए रसीद दिखाने के प्रकरण आते है यह गलत है इससे कर्मचारियों को बचना चाहिए। जो शासकीय कर्मचारी ऐसा करता है वह कभी भी पकड़ में आ सकता है इसलिए इस तरह के कृत्यों से कर्मचारियों को बचना चाहिए। कार्यशाला के दौरान नपा के अधिकारी ने पूछा कि ठेकेदार के पेन का नंबर नहीं है तो क्या बिना टीडीएस काटे उसका भुगतान कर सकते है। इसका जवाब देते हुए दिवाकर तिवारी ने कहा कि नहीं,ऐसे प्रकरण में जब भी उसका पेन आए तभी निराकरण करें।

मई के अंत में फार्म 16 भी प्रदाय करें
जिले के सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को फार्म 16 अवश्य रूप से दें। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी आयकर की सीमा में आते है, उनका टीडीएस काटकर समय-सीमा के अंदर जमा कराए। पावर पोइंट प्रिजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न कार्यालयों द्वारा अधीनस्थ अमले एवं अन्य लोगों के काटे जाने वाले टीडीएस की जानकारी देते हुए दिवाकर तिवारी ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी जवाबदारी है कि टीडीएस काटकर समय पर जमा करें। प्रत्येक कर्मचारी एवं अधिकारी को माह मई के अंत में फार्म 16 भी प्रदाय करें।

इन बिंदुओं पर भी दी जानकारी
संवितरण अधिकारियों को तीन चरणों के कुशल संपादन करदाताओं को होने वाली अनावश्यक परेशानियों से कैसे बचा जा सकता है।जानकारी दी, साथ ही ब्याज अर्थदंड व जुर्माने के कठोर प्रावधानों से भी अवगत कराया।

आयकर अधिकारी द्वारा कार्यक्रम में टीडीएस कटोत्रा करने उसे सरकार के खाते में जमा करने एवं उसकी त्रैमासिक विवरणी दाखिल कर करदाताओं को उसके कटौत्रा के संबंध में सार्टिफिकेट जारी करने के संपूर्ण कार्यप्रणाली का वर्णन ट्रिपल डी के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि भारतीय कर व्यवस्थाओं में करदाताओं का अहम रोल है, टीडीएस के माध्यम से जो राशि काटी जाती है, उस राशि की राष्ट्र निर्माण के लिए संसाधन जुटाने में अहम भूमिका रहती है।

किसी माह की की गई कटौती की राशि को अगले माह की 7 तारीख के पूर्व सरकारी खाते में जमा करना आवश्यक है। कर्मचारियों एवं अन्य के मामले में क्वाटरली विवरणी प्रस्तुत की जाएगी। कर्मचारियों के मामले में सर्टिफिकेट एक वर्ष में और अन्य के मामले में प्रत्येक क्वाटर में सर्टिफिकेट जारी करना होगा।

कार्यक्रम में इनकी रही मौजूदगी
बैठक में जिला कोषालय अधिकारी एम एल नोटियाल उपजिलाधीश आर ए प्रजापति, आयकर निरीक्षक आरिफ खान सहित चार्टड अकाउंटेंट अनिल पाराशर, आशुतोष शर्मा सहित जिले के 52 आहरण एवं संवितरण अधिकारी एवं लेखा कार्य करने वाले कर्मचारी उपस्थित थे।

पेन नंबर नहीं देने पर 20 प्रतिशत की दर से कटेगा टीडीएस
कर्मचारी का पेन कटोतीकर्ता के अभिलेख में होना आवश्यक है यदि कोई कर्मचारी अपना पेन नहीं बताता है तो ऐसी स्थिति में उस पर 20 प्रतिशत की दर से टीडीएस काटना होगा। निर्धारित समय पर टीडीएस नहीं काटने पर एक प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज आरोपित किया जाएगा। जबकि काटी गई टीडीएस की राशि को सरकारी खाते में देर से जमा करने पर डेढ़ प्रतिशत प्रति माह की दर से ब्याज आरोपित किया जाएगा। टीडीएस काटकर उसे सरकार के खाते में जमा नहीं करने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 276 बीबी के तहत अभियोजन का प्रावधान है। जिसमें 3 माह से लेकर 7 वर्ष तक का कठोर कारावास का प्रावधान है।

आयकर विभाग की बैठक होती हुई।

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