पांच साल गुजरे, सड़क बनी गड्ढे भरे
शहरके वार्ड क्रमांक 29 की भाजपा पार्षद मीना बाथम हैं। वार्ड की अधिकांश गलियों में बरसों पुरानी फर्शी ऊबड़-खाबड़ होने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। जबकि नालियों में जमा गंदगी से बीमारियां फैल रही हैं। वार्ड की कोई ऐसी गली नहीं है जिसमें पानी की समस्या हो। यहां तक कि पार्षद निवास की गली में ही घरों के बाहर पानी के ड्रम रखे हुए हैं, जिन्हें नगरपालिका के टैंकर से पानी दिया जाता है। अन्य गलियों में जो पानी रहा है, वो गंदा बदबूदार है। जिसका उपयोग पीने में नहीं कर पाते। यहां बारह महीने पानी की समस्या है। अपने निवास वाली गली में 20 लाख रुपए की लागत से बनवाए गए सुलभ कॉम्पलैक्स को पार्षद अपनी उपलब्धि में गिना रही हैं। साथ ही वे ये भी कह रही हैं कि हमने अन्य पार्षदों की तरह नगरपालिका में ठेकेदारी नहीं की।
वार्डके हालात
Áसड़क:पूरेवार्ड में से केवल पार्षद निवास एवं चीलौद वाली गली में सीसी सड़क करवाई गई है, जबकि अन्य क्षेत्रों में सभी गलियों में ऊबड़-खाबड़ हैं।
Áपानी:वार्डकी कोई भी गली ऐसी नहीं है, जहां पानी की समस्या हो। मोती बाबा गली, बाते खां वाली गली में जो पानी रहा था, वो गंदा एवं बदबूदार था। पार्षद की गली में घरों के बाहर ड्रम रखे हैं। जिन्हें नपा का टैंकर भरता है, जबकि अन्य क्षेत्रों में गर्मियों में भी टैंकर नहीं पहुंचा।
Áसफाई:कुछजगह नालियां बनी हैं, लेकिन उनकी सफाई निकासी होने से जमा गंदगी सड़क पर ही बहती रहती है। जब तीन दिन में एक बार नल आते हैं तो नालियों की गंदगी पूरी गली में फैलती है।
गंदगी के कारण नालियां चोक
नालियांगंदगी से चोक पड़ी हैं। लोग खुले में कचरा फेंकते हैं। उसमें बारिश का पानी भरा है। गंदगी की वजह से इतने मच्छर हैं कि शाम के समय घर के बाहर तक नहीं बैठ पाते।
रहीस,सईसपुरा
पानी ढो-ढोकर बुरा हाल है
चाहेगर्मी हो या सर्दी-बरसात, सभी दिनों में पानी ढोकर ही लाते हैं। पार्षद ने कभी हमारी कोई सुनवाई नहीं की। पानी ढो-ढोकर अब तो बुरा हाल हो गया है।
रेशमाबानो, सईसपुरा
पानी सफाई
बारहमहीने पानी भरकर लाना पड़ता है। गर्मियों में भी कोई टैंकर नहीं आया, तीन दिन में एकाध बार टैंकर आता था तो वो भी कुछ घरों में पानी देकर चला जाता था। घरों के सामने नालियां भरी हुई हैं।
रुखसाना,सईसपुरावाली गली
स्ट्रीट लाइट जलती नहीं, खंबे में करंट
घरके सामने ही ल