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- स्कूल स्तर के टूर्नामेंट में भोपाल की तरफ से खेेले यूनिवर्सिटी के खिलाड़ी
स्कूल स्तर के टूर्नामेंट में भोपाल की तरफ से खेेले यूनिवर्सिटी के खिलाड़ी
स्थानीय अफसरों ने भी बिना जांच पड़ताल के टीम को मैदान में उतारा।
भास्करसंवाददाता| शिवपुरी
तात्याटोपेमैदान में चल रही राज्य स्तरीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता के दौरान रविवार को 18 आयु वर्ग के भोपाल जबलपुर मैच में असली की जगह दीगर (फर्जी) खिलाड़ी खिलाए जाने का मामला सामने आया है। भेापाल संभाग की टीम पर नकली खिलाड़ी खिलाने का आरोप लगा है। जबलपुर संभाग ने इसकी लिखित आपत्ति आयोजन कमेटी के समक्ष दर्ज कराई है। मैच के दौरान भोपाल संभाग के जो वास्तविक खिलाड़ी थे वह तो मैच से बाहर थे जबकि गैर स्कूली यूनिवर्सिटी स्तर के खिलाडिय़ों को फर्जी नाम से मैदान में उतारकर मैच खिलाया गया। इस मैच में भोपाल संभाग की टीम ने जबलपुर को 10-9 से हरा दिया। जो नकली खिलाड़ी भोपाल संभाग की ओर से खेले उनके फोटो भी जबलपुर की टीम द्वारा खींचे गए हैं। इन्हें शिकायत के साथ लगाया गया है।
बिनाजांच पड़ताल के खेली टीमें : जबलपुरटीम के आरोप सामने आने के बाद सबसे बड़ी बात यह थी कि खिलाडिय़ों के नाम वाली सूची अन्य दस्तावेज मैदान पर नहीं थे। आयोजन कमेटी से जुड़े स्थानीय खेल शिक्षक पूरे मामले को दबाते नजर आए। जबलपुर की टीम ने जब भोपाल टीम के खिलाडिय़ों के नाम फोटो देखना चाहे तो बहाना बनाकर बताया गया कि सूची मैदान पर नहीं है। कंट्रोल रूम में है। वास्तविक नाम वाली सूची मैदान पर क्यों नहीं रखी गई यह सबसे बड़ा सवाल है।
आपत्ति की जांच कराएंगे
Ãजबलपुरनेजो आपत्ति दर्ज कराई है हम उसकी जांच कराएंगे। जांच में मामला सही निकला तो मैच रद्द कर दिया जाएगा।
-वीएसदेशलहरा,डीईओशिवपुरी
यूनिवर्सिटी खिलाड़ी को खिलाया गया
Ãभोपालकीओर से धर्मेंद्र धाकड़ जो यूनिवर्सिटी खिलाड़ी है, उसे गलत नाम से खिलाया गया। साथ ही गोलकीपर अंकित जो वास्तविक सूची में नहीं था, उसे भी खिलाया गया। हमने इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही इनके फोटो भी दिए हैं।
-सौरभगुप्ता,कोच,जबलपुर टीम
पूरी प्रतियोगिता अव्यवस्था के घेरे में
{तात्याटोपे मैदान पर पूरी प्रतियोगिता अव्यवस्था के घेरे में हैं। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। परेशानियों के बीच खिलाड़ी खेल रहे हैं।
{ एक मैच के दौरान रीवा की एक खिलाड़ी अंकिता मिश्रा घायल हो गई। इसके हाथ में फ्रेक्चर आया है। इसे अस्पताल ले जाने में भी देरी की गई।
{ मैच के दौरान रेफरी भी पक्षपात करते