सतनबाड़ा में हाईवे किनारे उखाड़े पेड़
हाईवे में बाधा बने पेड़ हटाए
सेकंड फेज की स्वीकृति का इंतजार।
भास्करसंवाददाता| शिवपुरी
ग्वालियरसे शिवपुरी के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क का निर्माण जगह-जगह शुरू कर दिया गया। सतनबाड़ा में हाईवे किनारे बड़े-बड़े पेड़ उखाड़ दिए गए, वहीं मोहना के पास सड़क किनारे समतलीकरण का काम भी शुरू कर दिया गया। शिवपुरी से ग्वालियर की ओर दिशा में हाईवे के दाहिनी ओर की जमीन को अधिक शामिल किया है, क्योंकि इस क्षेत्र में फॉरेस्ट निजी भूमि कम है। खास बात यह है कि अभी केंद्र के पर्यावरण मंत्रालय से सैकेंड फेज की परमिशन नहीं आई है।
गौरतलब है कि सतनबाड़ा से आगे हाईवे किनारे दाहिनी ओर लगे पुराने बड़े पेड़ों को केवल काटा गया, बल्कि उन्हें जड़ से उखाड़ दिया गया। क्योंकि पेड़ की जड़ यदि जमीन के अंदर रह गई तो सड़क निर्माण में भराव के दौरान दिक्कत कर सकती थी। पेड़ उखड़ने के साथ ही सतनबाड़ा मुख्य तिराहे पर मौजूद दुकानदार अन्य रहवासियों की धड़कनें बढ़ गईं। क्योंकि हाईवे के दाहिनी ओर ही सड़क को बढ़ाया जा रहा है और दुकान-मकान सभी उस दिशा में अधिक हैं।
प्रदेशमें ही अटकी रही फाइल : वनएवं पर्यावरण मंत्रालय दिल्ली ने 21 नवंबर 2013 को एनएचएआई शिवपुरी को प्रथम चरण की परमिशन भेज दी थी। उसमें दी गईं शर्तों को मानते हुए एनएचएआई ने 14 करोड़ रुपए की राशि भी जमा करवा दी। उसके बाद सीसीएफ ने सहमति जताते हुए पत्र 12 मार्च 2014 को एसीसीएफ (एडीशनल चीफ कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट) लैंड रिकार्ड भोपाल को भेज दिया। लंबे समय तक फाइल भोपाल में ही अटकी रही। जिसके चलते द्वितीय चरण की स्वीकृति का इंतजार लंबा हो गया।
फॉरेस्ट की 80 हेक्टेयर जमीन: शिवपुरीसे ग्वालियर के बीच बनने वाली फोरलेन सड़क में 80 हैक्टेयर जमीन फॉरेस्ट की है, जबकि साढ़े पांच किमी सड़क किनारे की भूमि नेशनल पार्क के नजदीक की शामिल है।
हाईवे की हालत खराब, निर्माण से बंधी आस : ग्वालियरसे शिवपुरी के बीच हाईवे की हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे उखड़ी सड़क से यात्री वाहनों की परेशानी बढ़ गई। लेकिन बस संचालक एवं यात्री इस बात से खुश हैं कि फोरलेन का काम शुरू करने की तैयारी हो गई।
हां काम तो शुरू कर दिया
Ãमोहनाकेआसपास समतलीकरण के अलावा अन्य पुल-पुलियों की जगह भी एरिया कवर्ड करना शुरू कर दिया। परमिशन के संबंध में एनएचएआई के अधिकारी ही बता पाएंगे। मैं अभी बॉम्बे गया हूं।
-आशीषव्यास,पीएम