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एनसीटीई की टीम नहीं आई, बीएड कॉलेजों का निरीक्षण लटका

7 वर्ष पहले
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बीएडकॉलेजों के निरीक्षण के लिए आने वाली राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की टीम ग्वालियर में ही निरीक्षण कर वापस लौट गई है। टीम को शिवपुरी में भी सात बीएड कॉलेजों का निरीक्षण करना था। लेकिन अचानक टीम ने शिवपुरी में निरीक्षण करने का प्लान बदल दिया। निरीक्षण टल जाने से कॉलेज संचालकों को राहत की सांस मिल गई है। पिछले चार साल से जिले में बीएड कॉलेजों का टीम द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया है। एनसीटीई द्वारा निरीक्षण करने के लिए पहले 5 से 15 सितंबर के बीच शिवपुरी आने की घोषणा की गई थी, लेकिन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह टीम शिवपुरी नहीं आई।

एनसीटीई का निरीक्षण दौरा टल जाने के बाद शिवपुरी के सात बीएड कॉलेजों का निरीक्षण कब होगा, इसको लेकर नए कार्यक्रम की घोषणा अभी तक नहीं की गई है। इस टीम के आने की खबर से बीएड कॉलेज चलाने वाले संचालकों में हड़कंप का माहौल था। टीम के आने की खबर से कॉलेज संचालक अपने यहां चल रही खामियों को दुरुस्त करने में लगे थे। बताया जाता है कि फर्जीवाड़ा करने वाले कॉलेज संचालकों ने मिली भगत करके दौरे को टलवा दिया है, ताकि उनके कॉलेजों की कमियां सामने जाएं।

ग्वालियर से ही वापस हो गई टीम

Ãपहलेसितंबरमहीने में ही एनसीटीई ने पत्र लिखकर निरीक्षण के लिए कहा था, लेकिन यह टीम ग्वालियर से ही कुछ बीएड कॉलेजों का निरीक्षण कर वापस हो गई है। अब नया निरीक्षण कब होगा, इसके बारे में हमारे पास सूचना नहीं है।

-गजेंद्रसक्सेना,नोडलऑफिसर पीजी कॉलेज शिवपुरी

{ निरीक्षण की खबर के बाद कई कॉलेजों में तो स्टाफ होने पर दूसरे शहर से किराए पर स्टाफ लाकर व्यवस्था की गई थी।

{ जो सात कॉलेज हैं, उनमें से सनराइज कॉलेज सतनवाड़ा के पास तो कोई बिल्डिंग नहीं है और केवल नाम के लिए एक सेंटर सिटी में है।

{ इस कॉलेज की शिकायत की जांच पीजी कॉलेज के प्राचार्य द्वारा की जा रही है।

{ इसके अलावा कई कॉलेजों के पास नियमानुसार बिल्डिंग, लैब और पर्याप्त स्टाफ नहीं है।

मान्यता रद्द करने का था अधिकार

एनसीईटी की जो टीम शिवपुरी में निरीक्षण के लिए आने वाली थी, उसे बीएड कॉलेज में कमियां मिलने पर इन कॉलेजों की मान्यता रद्द करने का अधिकार है। इसी डर की वजह से स्थानीय बीएड कॉलेजों के संचालक नाम के लिए खानापूर्ति में जुटे थे। अब इस टीम का दौरा टल जाने से कॉलेज संचालकों ने राहत