कॉलेज में विकास पर विराम
शहरके एलबीएस कालेज में चल रही विकास योजनाओं पर विराम लगा हुआ है। परिसर में बन रहे आडिटोरियम निर्माण की पूरी राशि जारी होने के बाद भी निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। इसी तरह कालेज की बाउंड्रीवाल और मंच का निर्माण कार्य भी दो साल से अध्ूरा पड़ा है। विकास योजना में शामिल स्टाफ क्वार्टर एवं गर्ल्स हास्टल भी अब खटाई में पड़ गए हैें।
पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा के पास उच्च शिक्षा विभाग आने के बाद सिरोंज के साथ ही कुरवाई रोड पर स्थित एलबीएस कालेज में भी विकास योजनाओं ने गति पकड़ ली थी। श्री शर्मा के प्रयासों से सिरोंज कालेज के लिए अनेक नई योजनाओं की शुरूआत हुई थी। योजना में शामिल कालेज के नए भवन का लाभ वर्तमान में छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। नवीन भवन के साथ ही कालेज के पुराने भवन का उपयोग भी प्रबंधन कर रहा है। उन्हीं के कार्यकाल में ही सिरोंज कालेज को पीजी का दर्जा मिला तथा कालेज में एमए के विभिन्न विषयों के साथ ही एमकाम और एमएससी की पढ़ाई शुरू हो सकी थी। अब सिरोंज कालेज के विकास की इस गति पर उनके हटते ही विराम लग गया है। कालेज परिसर में अधूरे पड़े निर्माण कार्य इसकी हकीकत बयां कर रहे हैं। करीब एक साल पहले कालेज परिसर में आडिटोरियम का निर्माण शुरू हुआ था। 49 लाख 87हजार की लागत से बनने वाले आडिटोरियम का सिर्फ तल का हिस्सा ही एक साल में बनकर तैयार हो सका है। जबकि कालेज प्रबंधन के मुताबिक निर्माण के लिए स्वीकृत सारी राशि जारी हो चुकी है। इसके बाद भी पीडब्ल्यूडी इस काम को पूरा नहीं करवा सकी है। हालांकि पीडब्ल्यूडी द्वारा आडिटोरियम के निर्माण में कालेज प्रबंधन द्वारा तैयार योजना को एक तरफ रख दिया गया है। प्रबंधन द्वारा आडिटोरियम निर्माण करने वाले ठेकेदार को जरूरी टिप्स दिए गए थे लेकिन ठेकेदार और अधिकारियों ने उनके इस टिप्स को एक तरफ रख दिया है।
36लाख में बनना है बाउंड्रीवाल
कालेजपरिसर की असामाजिक तत्वों से सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 36 लाख 49 हजार रुपए स्वीकृत हुए थे। करीब दो साल पहले इस बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू हो गया था लेकिन यह निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है। परिसर का आधा हिस्सा अभी भी बाउंड्रीवाल विहीन है। इसी तरह कालेज परिसर में मंच निर्माण के लिए भी 14 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे।
मंच का निर्माण भी शुरू हो गया लेकिन काम आज तक पूरा नह