शपथ पत्र के लिए भी नहीं मिल रहे छोटे स्टाम्प, लोग परेशान
छह माह से नहीं आए पोस्टल आॅर्डर, लोग हो रहे परेशान
भास्कर संवाददाता| सिरोंज
नगर में दो महीने से छोटे स्टांप का टोटा बना हुआ है। लोगों को न तो तहसील में स्टांप मिल रहे हैं और न ही वेंडरों के पास उपलब्ध हैं। यही हाल पोस्टल आर्डर के भी बने हुए हैं। डाक घर में 6 महीने से पोस्टल आर्डर नहीं आ रहे हैं। लोग कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें संतुष्टिदायक जवाब भी नहीं मिल पा रहा है।
ई-स्टाम्प की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही नगर में छोटे स्टांपों का टोटा बन गया है। लोगों को ढूंढ़े से भी स्टांप नहीं मिल रहे हैं। शपथ पत्र तथा अन्य कार्यों के लिए जरूरी स्टांप लेने के लिए जब लोग तहसील परिसर में जाते हैं तो स्टांप वेंडर उन्हेंं ई-स्टांप का उपयोग करने की नसीहत देते हैं। इस पर जब नागरिक छोटे स्टाम्प जारी होने का हवाला देते हैं तो वेंडरों का कहना होता है कि ट्रेजरी से उन्हें किसी प्रकार के स्टांप नहीं प्रदान किए जा रहे हैं। नागरिक जब वकीलों पास जाते हैं तो वहां भी उन्हें इसी तरह का जवाब मिलता है। मजबूरी में व्यक्ति को सर्विस प्रोवाइडर के पास जाना पड़ता है।
यहां पर प्रोवाइडर द्वारा उन्हें 50 रुपए से कम के ई स्टाम्प नहीं निकलने की जानकारी दी जाती है। वहीं स्टांप निकालने में आने वाली तमाम दिक्कतों से भी अवगत कराया जाता है। जिसे सुनकर संबंधित व्यक्ति को स्टांप से जुड़े काम को टालना पड़ता है। दूसरी ओर राहत राशि लेने के लिए सह खातेदार किसानों को शपथ पत्र देना पड़ रहे हैं। स्टाम्प के अभाव में शपथ पत्र बनवाने में उन्हें 100 रुपए से अधिक रुपए खर्च करना पड़ रहे हैं। लोगों ने कई बार जिम्मेदारों से शिकायत भी की लेकिन समाधान आज तक नहीं हो सका।
परेशान हो रहे हैं नागरिक
कांग्रेस नेता विनोद सेन ने बताया कि हर दिन बड़ी संख्या में लोग स्टाम्प लेने के लिए तहसील कार्यालय आ रहे हैं। यहां आने के बाद उन्हें पता चलता है कि स्टाम्प नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से उन्हे निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर लोग सूचना के अधिकार के तहत जानकारी लेने के लिए 10 रुपए के स्टाम्प का प्रयोग करते हैं। स्टाम्प के अभाव में वह अपना आवेदन संबंधित कार्यालयों में नहीं लगा पा रहे हैं। इस वजह से लोगों के स्टाम्प संबंधी अन्य कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं।
प्राप्त नहीं हो रहे स्टांप
ई-स्टांप प्रणाली शुरू होने के बाद स्टांपों का छपना कम हो गया है। इस वजह से स्टांप हमें भी वरिष्ठ कार्यालय से ई-स्टांप कम मिल पा रहे हैं। क्षेत्र में ई-स्टांप की आवश्यकता संबंधी जानकारी हमने वरिष्ट कार्यालय को भेजी है। एस मौर्य, उप कोषालय अधिकारी सिरोंज
गरीब और किसान होते हैं परेशान
ट्रेजरी आफिस से स्टांप नहीं मिलने की वजह से सबसे अधिक परेशानी स्टांप वेंडरों को उठाना पड़ रही है। स्टांप वेंडर अशरफ अली ने बताया कि हम एक महीने से ट्रेजरी आफिस में लगातार संपर्क कर रहे हैं लेकिन वहां से स्टांप नहीं मिल रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में लोग निराश होकर लौटते हैं। इसमें भी सबसे परेशानी गरीबों और किसानों को उठाना पड़ती है। ई-स्टाम्प की प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह परेशानी और अधिक बढ़ गई है। अधिकांश लोगों को अभी भी नई प्रक्रिया की जानकारी नहीं है।