संत की तपोभूमि सेमरखेड़ी में वसंतोत्सव शुरू
ध्वजारोहण कार्यक्रम के साथ द्वार का लोकार्पण
भास्कर संवाददाता| सिरोंज
संत तारण- तरण की तपोभूमि सेमरखेड़ी पर तीन दिवसीय बसंतोत्सव की शुरूआत गुरुवार से हो गई। पहले दिन जिनवाणी अस्थाप वाचन एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम हुआ। इस अवसर आरोन रोड पर निर्मित भव्य द्वार का लोकार्पण भी किया गया।
ग्राम सेमरखेड़ी तारण समाज के देश भर में स्थित चार तीर्थों में से एक है। यहां पर हर साल बसंत पंचमी के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु जुटते हैं। इस बार भी संत तारण स्वामी के अनुयायियों के आने का क्रम बुधवार रात से ही शुरू हो गया था। गुरुवार से शुरू हुए बसंतोत्सव की शुरुआत जिनवाणी अस्थाप वाचन तथा ध्वजारोहण के साथ हुई। तारण बंधुओं ने ध्वजारोहण कर तीर्थ क्षेत्र की परिक्रमा की। तीर्थ क्षेत्र पर उत्सव का शुभारंभ करने के बाद सभी तारण बंधु आरोन रोड पर निर्मित किए गए मुख्य द्वार का लोकार्पण करने पहुंचे। यहां पर जैन संतों ने द्वार का लोकार्पण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने तीर्थ क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्य द्वार की आवश्यकता को रेखांकित किया। मेला आयोजन समिति के सदस्य रविकांत तारण ने बताया कि शुक्रवार को मेले में जिनवाणी शोभायात्रा का आयोजन किया जाएगा।
संत तारण की तपोभूमि सेमरखेड़ी में बसंतोत्सव की रंगारंग शुरुआत हुई।