तीर्थ क्षेत्र में गूंजा वंदे श्री गुरु तारणम
संत तारण-तरण की तपोभूमि पर आयोजित वसंतोत्सव में शुक्रवार को पालकी शोभायात्रा निकाली गई। संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र में वंदे गुरु तारणम की गूंज सुनाई दी। समारोह में पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी शामिल हुए।
सिरोंज नगर से 12 किलोमीटर दूर ग्राम सेमरखेड़ी में वसंतोत्सव का उल्लास देखते ही बन रहा है। संत तारण-तरण की तपोभूमि पर शीश नवाने के लिए देशभर से तारण बंधु पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को उत्सव के दूसरे दिन सुबह के तीर्थ क्षेत्र में पूजन का दौर शुरू हो गया था।। दोपहर में संत आत्माराम के सानिध्य में जिनवाणी की पालकी शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में मंदिर में स्थापित जिनवाणी और ग्रंथों को चांदी की पालकी में स्थापित किया गया था। सबसे आगे केशरिया ध्वज लेकर चल रहे समाज के युवा चल रहे थे। इनके बाद सिरोंज जैन समाज, तारण समाज तथा दो अन्य स्थानों से आए समाज के ही बैंड वादन करते हुए चल रहे थे। तारण स्वामी के अनुयायी बारी-बारी से पालकी को लेकर चल रहे थे। तीर्थ क्षेत्र में रूके सभी तारण बंधुओं के निवास पर यह पालकी यात्रा पहुंची। अनुयायियों ने आरती उतारकर जिनवाणी के समक्ष श्रीफल भेंट किया। मुख्य कलश के साथ अन्य कलश लेकर चल रहे लोग भी शोभा बढ़ा रहे थे। इस दौरान तीर्थ क्षेत्र में दिनभर वंदे श्री गुरु तारणम् की गूंज सुनाई दी।
सिरोंज का गौरव है तारण स्वामी की तपोस्थली
पालकी यात्रा में शामिल होने के लिए पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा भी तीर्थ क्षेत्र में पहुंचे। जिनवाणी की पालकी यात्रा में शामिल होने के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में पहुंचकर संतों के दर्शन किए। उन्होंने संत तारण तरण की तपोभूमि को सिरोंज का गौरव बताते हुए क्षेत्र के विकास में तारण समाज के योगदान पर प्रकाश डाला। देश भर से आए तारण बंधुओं का स्वागत कर उन्हें क्षेत्र की विकास योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष उमाकांत शर्मा, सांसद प्रतिनिधि रमेश यादव, जनपद अध्यक्ष जितेन्द्र बघेल के साथ ही अनेक जनप्रतिनिधि तथा नागरिक उपस्थित थे।
पहुंचे देशभर के श्रद्धालु
तारण-तरण समाज के देश भर में स्थित चार प्रमुख तीर्थों में सेमरखेड़ी शामिल है। इस वजह से तीन दिवसीय उत्सव में शामिल होने के लिए देश भर के श्रद्धालु पहुंचे। दूसरे दिन भी तीर्थ स्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं के आने का क्रम चलता रहा। अधिकांश लोग स्वयं के वाहनों से आए थे। वहीं बस से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आयोजकों द्वारा बस स्टैंड से वाहन का प्रबंध किया था। तीर्थ क्षेत्र में स्थित 100 से अधिक कमरों के अलावा पंडाल में लोगों के रूकने का प्रबंध किया गया है।
आज होगा तिलक महोत्सव
तीन दिवसीय बसंतोत्सव का समापन शनिवार को होगा। इस अवसर पर वेदी सूतन तथा तिलक महोत्सव का आयोजन होगा। इस अवसर पर अनेक युगल विवाह बंधन में भी बंधेंगे। शाम से श्रद्धालुओं की वापसी का क्रम शुरू हो जाएगा।