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फायदेमंद सिद्ध हुई ड्रिप मल्सिंग पद्धति से सोयाबीन की खेती

7 वर्ष पहले
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ड्रिपमल्सिंग पद्धति से सोयाबीन की खेती फायदेमंद साबित हो रही है। ग्राम सब्दलपुर के किसान द्वारा एक बीघा खेत में बोई सोयाबीन फसल में लहलहा रही फलियां यह साबित कर रही है। अभी तक इस पद्धति का प्रयोग सिर्फ सब्जी उत्पादन के लिए किया गया था। मध्यप्रदेश में पहली बार सिरोंज के किसान ने ड्रिप मल्सिंग पद्धति से सोयाबीन की बोवनी की है।

क्षेत्र में ड्रिप मल्सिंग पद्धति से क्षेत्र के अनेक किसानों द्वारा दो साल से सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। ग्राम विशेपुर के साथ ही सब्दलपुर, कठोतियां के 200 से अधिक छोटे किसानों द्वारा इस पद्धति से सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। सब्जी उत्पादन की इस प्रक्रिया में किसानों को खास लाभ हो रहा है। इस साल मिर्ची उत्पादन करने वाले विशेेपुर के किसानों को इस फसल में खासा मुनाफा हुआ है। डीपीआईपी द्वारा इस साल सोयाबीन की फसल पर इस पद्धति का प्रयोग किया गया है। ग्राम सब्दलपुर के किसान कोमलसिंह द्वारा अपने एक बीघा खेत में ड्रिप मल्सिंग पद्धति से सोयाबीन की बोवनी की गई है। कोमलसिंह के साथ ही डीपीआईपी के अधिकारियों को इस प्रयोग के सफल होने में संदेह था लेकिन खेत में लहलहा रही सोयाबीन की फसल को देखकर उनका संदेह दूर हो गया है। आमतौर पर एक बीघा खेत में 4 से 5 क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन होता है। सामान्य फसल के पौधे में 25 से 40 फलियां होती है। जबकि ड्रिप मल्सिंग पद्धति से कोमलसिंह द्वारा बोई गई सोयाबीन की फसल के एक पौधे में 120 से 150 फलियां लग रही हैं। ऐसी स्थिति में कोमलसिंह के एक बीघा खेत में करीब आठ क्विंटल सोयाबीन का उत्पादन होने की उम्मीद है।

इस तरह की बोवनी

ड्रिपमल्सिंग पद्धति से सोयाबीन की बोवनी करने में कोमलसिंह को मेहनत जरूर करना पड़ी। बोवनी की प्रक्रिया में लाइन से लाइन एक फीट पर पौधा लगाया गया है। आमतौर पर सामान्य खेत में एक बीघा में 15 से 20 किलो सोयाबीन बीज की आवश्यकता होती है। जबकि कोमलसिंह ने अपने खेत में सिर्फ 7 किलो सोयाबीन बीज 9305 की बोवनी की है। मौसम की वजह से इस वर्ष क्षेत्र के किसानों का पेस्टीसाइड में भी काफी खर्च हुआ है लेकिन कोमलसिंह को पेस्टीसाइड की जरूरत भी नही पड़ी।

मौसम के मिजाज का नहीं पड़ा असर

कोमलसिंहने बताया कि इस वर्ष कभी लगातार बारिश हुई तो कभी एक दम सूखे की स्थिति भी बनी लेकिन हमारे खेत की फसल पर इसका कोई प्रभाव नही