- Hindi News
- कम कीमत मिली तो किसान वापस ले गया धान की उपज
कम कीमत मिली तो किसान वापस ले गया धान की उपज
अिधकतम कीमत ~ 1501 प्रति क्विंटल लगाई गई
कृषिउपज मंडी में गुरुवार को पहली बार धान की उपज विक्रय के लिए आई। व्यापारियों द्वारा धान की अधिकतम कीमत 1501 रुपए क्विंटल लगाई गई। कम दाम मिलता देख किसान अपनी उपज को बेचे बिना ही वापस लौट गया। इस वर्ष क्षेत्र में 150 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने धान की बोवनी की है।
ग्राम पगरानी के किसान देवेन्द्र शर्मा ने अपने खेत में पहली बार धान की बोवनी की है। उन्होंने अपने 25 बीघा खेत में धान की 1121 किस्म का बीज बोया था। 25 बीघा के खेत में उनकी करीब 150 क्विंटल धान की उपज हुई है। बुधवार को वे धान की पहली खेप सिरोंज मंडी में बेचने के लिए लाए थे। इस खेप मेंं करीब 25 क्विंटल धान था। मंडी में पहली बार धान विक्रय के लिए आई थी। इस वजह से व्यापारी पहले तो धान की उपज को समझ नहीं पाए। व्यापारी इसकी खरीदी से कन्नी काटते दिखाई दिए। कुछ व्यापारियों ने बाहर की मंडी से धान के भाव संबंधी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद कीमत 1501 रुपए क्विंटल पर जाकर थमी। किसान द्वारा लगाई गई धान की उपज की 1501 रुपए की परची भी कट गई लेकिन किसान देवेन्द्र शर्मा को अपनी उपज की कीमत काफी कम लगी। उन्होंने बोली को केंसिल करवाकर माल को वापस घर ले जाने में ही भलाई समझी।
150हेक्टेयर में हुई है धान की बोवनी : क्षेत्रमें 150 हेक्टेयर में धान की बोवनी हुई है। किसानों को इसमें लाभ दिखाई दे रहा है। अगले सालों में धान का रकबा और बढ़ना तय है। धान के विक्रय को लेकर कृषि उपज मंडी प्रबंधन की सक्रियता में कमी दिखाई दे रही है। गुरुवार शाम तक मंडी सचिव को इस बात की जानकारी नहीं थी कि धान की उपज विक्रय के लिए मंडी में आई थी। जब उन्हें यह जानकारी दी गई तो उन्होंने धान की खरीदी के संबंध में स्थानीय व्यापारियों से चर्चा करने की बात कही है।
अब कोटा जाकर बेचेंगे फसल
किसानदेवेन्द्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने आसपास के अन्य इलाकों की मंडी से भी धान के भाव संबंधी जानकारी जुटाई है। कोटा मंडी में धान का भाव 22 से 25 सौ रुपए क्विंटल है। उनकी उपज की किस्म भी बेहतर है। 25 बीघा में फसल भी 150 क्विंटल हुई है। अब कोटा मंडी में जाकर धान बेचेंगे। सोयाबीन की तुलना में उन्हें धान की बोवनी में ज्यादा फायदा दिखाई दे रहा है। जिस खेत से उन्होंने धान की उपज प्राप्त की है उसी खेत में अब उन्होंने गेहूं की