आठ महीने से वेतन बकाया, नौकरी से भी निकाल दिया
जब जरूरत थी तो हमें नौकरी पर रखकर बहुत काम कराया। अब जरूरत पूरी हो गई तो नौकरी से निकाल दिया। वेतन भी नहीं दिया।
यह कहना है थांदला-बदनावर राजमार्ग पर बने टोल के युवा कर्मचारियों का। मामले की शिकायत उन्होंने पेटलावद थाने पर की है। दरअसल, थांदला-बदनावर राज मार्ग पर ईगल दीप इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने उन्नई से आगे टोल बनाया था। यहां पर टोल की वसूली के लिए आसपास के क्षेत्रों से बेरोजगार युवाओं को नौकरी पर रखा गया था। कंपनी युवाओं को प्रति माह साढ़े 5 हजार रुपए वेतन देती थी। शुरू में उन्हें कार्य के लिए हर माह नकद भुगतान किया गया। लेकिन अब टोल कंपनी ने इन युवाओं को करीब 8 महीने से नौकरी से ही निकाल दिया। जितने दिन काम किया उसका भी भुगतान नहीं किया।
जिसने भी वेतन मांगा, उसे नौकरी से निकाला
टोल पर कार्य करने वाले कर्मचारी विशाल सारेल, जोन सारेल, राजेश कटारा, रमेश मुणिया, भूरालाल मुणिया, चेनसिंह डिंडोर, मोहन अमलियार, नहारसिंह डामोर, दशरथ राठौड़ ने बताया एक महीना बीतने के बाद जब वेतन मांगा तो मैनेजर ने टालमटोल कर दिया। बाद में नौकरी से ही निकाल दिया। कंपनी ने 1 जुलाई 14 से 28 फरवरी 15 तक का वेतन कर्मचारियों को नहीं दिया है।
फरार हो गया मैनेजर
पीडितों ने आरोप लगाया कि ईगल दीप इंफ्रा इंडिया कंपनी के टोल मैनेजर जयेंद्रसिंह चुंडावत यहां से उनका पैसे लेकर फरार हो गया है।
रोजी-रोटी का संकट
पीड़ितों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि वैसे ही हम जैसे-तैसे गुजारा कर रहे थे। अब जब नौकरी ही नहीं रही तो अब तो हमें कई से उधारी भी नहीं मिल पाएगी।