पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पहले प्रभातफेरी, शाम को संकीर्तन

पहले प्रभातफेरी, शाम को संकीर्तन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सिखधर्म के प्रवर्तक गुरूनानक देव की जयंती नायकों के मोहल्ले में स्थित गुरुद्वारे में गुरुवार को प्रकाश पर्व के रूप में मनाई गई। सुबह से यहां पहुंचे सिख समाज के लोगों ने अमृतवाणी सुनी और बाद में लंगर का आयोजन किया गया। जिसे चखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। इधर सिंधी समाज की ओर से शहर में सुबह से प्रभातफेरी निकाली गई।

जयंती के अवसर पर गुरूद्वारा में सुबह 10.30 बजे ज्ञानी अवतार सिंह के द्वारा अखंड पाठ साहब की जीवन कथा सुनाई गई। इसके बाद पश्चात कीर्तन की प्रस्तुतियां दीं गईं। लुधियाना के पंजाब से आए बलकार सिंह के रागी जत्थे ने गुरूनानक जी के जीवन की संगीतमय अरदास प्रस्तुत कर भक्तगणों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं संस्कार किड्स केयर स्कूल के छात्र-छात्राओं ने सबद कीर्तन की प्रस्तुति दी। बाद में दोपहर एक बजे गुरू का लंगर प्रारंभ किया गया। जिसे चखने के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। इधर सिंधी धर्मशाला में भी गुरूनानक देव जयंती पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इससे पहले सुबह से प्रभातफेरी निकाली गई। बाद में लंगर लगा। यहां पर अजमेर से आए कमल भगत ने संगीतमय कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि रात 12 बजे गुरुनानक देव का जन्म होगा। इस मौके पर गुरूद्वारा प्रबंध कमेटी के प्रधान दलजीत सिंह, सचिव अमर जीत सिंह, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार मनजीत सिंह, मनमोहन सिंह, इंद्रपाल सिंह, जसबीर सिंह, आचार्य हरचरण, नत्थुराम, रमेश सिंधी, सुरेंद्र भामडी़ सहित सहित समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में गुरूद्वारा पहुंचकर सुबह से लेकर देर शाम तक आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया।

टीकमगढ़ की सिंधी धर्मशाला में गुरुनानक जयंती पर विशेष आयोजन हुए। कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोग।