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ग्रामसेवक नहीं आते गांवों में, किसानों को कैसे मिले योजनाओं की जानकारी
कृषि विभाग समय-समय पर किसानों के लिए सरकारी योजना के तहत कृषि सामग्री का वितरण करता है, लेकिन शासन स्तर से मिलने वाली सामग्री का लाभ पात्र किसानों को नहीं मिल पाता है। विभाग ने गांवों में कृषि मित्र बनाए हैं, इसके बाद भी योजनाओं पर ठीक तरह से अमल नहीं हो पा रहा है। इस मामले में पहले भी कई बार किसान शिकायत कर चुके हैं, लेकिन विभाग के अधिकारी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देते। बिच्छापुर के कुछ किसानोंं ने बताया कि गांव में कभी ग्राम सेवक को नहीं देखा है। साथ ही यहां कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं की किसानो को कोई जानकारी नहीं है। ग्राम सेवक ने किसानों को खाद, बीज, दवाइयां आदि का वितरण नहीं किया है। जिससे यहां के छोटे किसानों को शासन की योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है
अधिकांश किसान को नहीं मिलती सामग्री
ग्राम सेवक नहीं आते
^गांवमें ग्राम सेवक नहीं आते हैं, जिससे यहां के किसानों को आने वाली कृषि संबंधित समस्या से निपटने की जानकारी के लिए कृषि विभाग के कार्यालय तक जाना पड़ता है। मुझे भी कई किसानों ने इस बारे मे शिकायत की है। -रेखा राजपूत, जनपदसदस्य, बिच्छापुर
सामग्रीका वितरण नहीं होता
^हमनेग्राम सेवक को गांव में आते नहीं देखा है और ही शासन से मिलने वाली सामग्री का वितरण किया जाता है। -गजराज सोलंकी, किसानबिच्छापुर
टिमरनी। बिच्छापुर में ग्राम सेवक के नहीं आने से परेशान रहते हैं किसान।
लापरवाही| कृिष विभाग के निर्देशों की अनसुनी करने वाले ग्रामसेवकों पर अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
{किसान ग्राम सेवकों से मिलने के कृिष विभाग के कार्यालय में भटकते रहते हैं
नगरसंवाददाता|टिमरनी
ब्लाॅकके अधिकांश गांव में रहने वाले किसानों को शासन की कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पा रही है और ही किसानों को योजनाओं में वितरण की जाने वाली सामग्री का लाभ मिल पा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के किसान परेशान हो रहे हैं। इसके पीछे कारण विभागीय लापरवाही है। जिसमें ब्लाॅक के ग्राम सेवक अपने प्रभार के गांवों में दौरा करने नहीं जाते हैं।
ब्लाॅक मुख्यालय पर जनपद पंचायत परिसर के पीछे की ओर कृषि विभाग का कार्यालय है। इस कार्यालय में किसान अक्सर अपने गांव के ग्राम सेवकों को ढूंढने और उनसे अपना काम कराने के लिए परेशान होते देखे जाते हैं। आलम यह है कि ग्राम सेवकों को विभागीय निर्द