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वन गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने पर किया मंथन

7 वर्ष पहले
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{वन क्षेत्रों में सहभागिता से काम करने पर जोर

नगरसंवाददाता|हरदा

टिमरनीविकासखंड के वन गांवों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए ऑपरेशन मलयुद्ध के तहत वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम रहटगांव के पर्यावरण केंद्र में आयोजित किया गया।

जिला पंचायत सीईओ एस प्रिया मिश्रा ने कहा कि जिले को खुले में शौच मुक्त करने की कड़ी में विकासखंड को सबसे पहले खुले में शौच मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। तथा टिमरनी विकासखंड में लगभग 42 ग्राम ऐसे है जो वनक्षेत्र में आते है। उन ग्रामों में वनविभाग के अधिकारी, कर्मचारी, वनरक्षक, वनक्षेत्रपाल, रेंजर्स आदि वन-ग्रामों को खुले में शौच मुक्त करने में सहायक होंगे

वनक्षेत्रों में तेजी से समुदाय की सक्रिय सहभागिता करते हुए लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन तथा ऑपरेशन मल-युद्ध के संबंध में समन्वयक रजनीश शुक्ला ने बताया। उन्मुखीकरण कार्यक्रम में शौचालय निर्माण के तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम में डीएफओ पीएस चंपावत ने संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी वन-ग्रामों को खुले में शौच मुक्त करने में सक्रिय रूप से सहभागी बने।

हरदा। वन गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए रणनीति बनाई गई।