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रसोइए को हटाया, अब महीनेभर से मरीजों को दे रहे बाहर का भोजन

7 वर्ष पहले
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने वाली प्रसूती का यदि आंकड़ा देखा जाए तो प्रति दो दिनों में तीन बच्चे यहां जन्म लेते हैं। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो यहां एक माह में 45 से 50 प्रसव होना सामान्य बात है। इसके बाद यहां प्रसूताओं को तीन दिनों तक भर्ती रखकर उन्हें उचित इलाज देकर अच्छा भोजन दिया जाता है। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज के लिए आने वाले कुपोषित बच्चों के साथ उन बच्चों की माताएं भी रहती हैं। यहां लगभग 14 दिनों तक कुपोषित बच्चों को भर्ती रखकर इलाज दिया जाता है। अब सवाल यह है कि अस्पताल में नई व्यवस्था के तहत बाहर से आने वाला भोजन कितनी गुणवत्ता वाला है, निर्धारित मेनू के अनुसार है या नहीं, मरीजों की सेहत के लिए कितना अनुकूल है। गौरतलब है कि अस्पताल में मरीजों के लिए निशुल्क पकाए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और मरीजों की जरूरत का ध्यान रखा जाता था। समय-समय पर विभागीय अधिकारी निरीक्षण कर इसकी जांच भी करते थे। अब बाहर होटलों से आने वाले भोजन की शुद्धता और गुणवत्ता की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

टेंडर निकाले हैं, रसोइए की भर्ती करेंगे

^फिलहालअस्पताल में मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। विभाग की टीम के निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने पर रसोइए को हटा दिया गया है। हमने नए सिरे से टेंडर निकाले हैं, जिसके तहत रसोइए की भर्ती की जाएगी। जल्द ही नई व्यवस्था अमल में आएगी। डाॅ.एमके चौरे, प्रभारीबीएमओ, टिमरनी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने होते हैं 50 प्रसव

टिमरनी। मरीजों के लिए भोजन बनाने वाला भोजनालय कक्ष बंद पड़ा है।

6 महीने पहले शुरू हुई थी योजना

अस्पताल में प्रसूता और एनआरसी में भर्ती बच्चे की माता को भोजन देते हैं