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135 सराफा दुकानें रही बंद, जिले में 1.25 करोड़ का कारोबार प्रभावित

5 वर्ष पहले
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केंद्र सरकार द्वारा 2 लाख की खरीदी पर पैनकार्ड की अनिवार्यता के विरोध में देशभर में सराफा व्यापारियों ने हड़ताल की। हड़ताल के चलते जिलेभर की सराफा दुकानें बंद रही। इस कारण जिले में करीब 1 करोड़ 25 लाख रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं शाम 6 बजे सराफा व्यापारियों ने घंटाघर पर नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया।

अखिल भारतीय सराफा एसोसिएशन और मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन की मांग पर बुधवार को जिले के सराफा व्यापारियों की हड़ताल रही। इस कारण सराफा दुकानें बंद रहीं। एसोसिएशन के अध्यक्ष कृष्णमुरारी अग्रवाल ने बताया केंद्र सरकार की तानाशाही के कारण सराफा कारोबारियों और खरीददारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। केंद्र सरकार ने 2 लाख रुपए या उससे अधिक की ज्वैलरी की खरीददारी पर पैनकार्ड अनिवार्य कर दिया है। इस कारण जहां कागजी खानापूर्ति बढ़ गई है। वहीं खरीददार के सामने भी पेन कार्ड की अनिवार्यता से सभी खरीददारों को अपनी बेटियों की शादियों समेत अन्य निवेश के लिए पेन कार्ड बनाना अनिवार्य हो गया है। इससे सभी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बंद रखी दुकानें
दो लाख रुपए पर पैनकार्ड अनिवार्य करने के विरोध में देशभर में सराफा दुकानें बंद रही। व्यापारियों की मांग है, इसकी लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपए की जाए। इससे व्यापारियों को नुकसान होगा। कृष्णमुरारी अग्रवाल, अध्यक्ष जिला सराफा एसोसिएशन

फैक्ट फाइल
1.25 करोड़ का कारोबार प्रभावित।

135 दुकानें बंद रही जिले में।

75 दुकानें हरदा में बंद रही।

30 दुकानें खिरकिया में बंद रही।

30 दुकानें टिमरनी में बंद रही।

कालेधन पर लगेगी रोक
केंद्र सरकार देश में बढ़ते कालेधन के मामले को देखते हुए यह नियम लागू किया है। इससे 2 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन और निवेश पर नजर रखी जा सके। साथ ही कालेधन जमा करने वालों पर कार्रवाई की जा सके। वहीं नए नियम के लागू होने से व लोगों में ज्वैलरी के प्रति बढ़ता निवेश घटेगा। लिमिट कम होने से कागजी कार्रवाई बढ़ेगी।

पहले यह नियम
अध्यक्ष ने बताया पहले 5 लाख रुपए सीमा थी। इसे बदलकर केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2016 से व्यापार की सीमा घटाकर 2 लाख रुपए कर दी है। इससे व्यापारियों के साथ ही खरीददारों पर भी दबाव बढ़ा है।

पैनकार्ड नहीं तो 10 हजार जुर्माना
सीए राजेश मेहता ने बताया सिंगल ट्रांजेक्शन के दौरान बिल पर खरीददार और विक्रेता के पैनकार्ड नंबर नहीं डालने या गलत नंबर लिखने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। वहीं अगर एआईआर का मामला है तो विक्रेता को 31 मई तक हर साल रिपोर्ट जमा करनी होगी। अगर व्यापारी ऐसा नहीं करते हैं तो उन पर 10 हजार रुपए जुर्माने के साथ ही प्रतिदिन 100 रुपए जुर्माना लगेगा।

ये है दो अहम नियम
आयकर एक्सपर्ट राजेश मेहता ने बताया केंद्र सरकार के आयकर नियम बनाया है। इसके अनुसार कोई भी सराफा व्यापारी 2 लाख रुपए या उससे अधिक का सोना-चांदी की नकद या चैक से खरीदी-बिक्री करता है तो उसे बिल के साथ खरीददार और विक्रेता के पेन कार्ड नंबर लिखना अनिवार्य है। यह सिंगल ट्रांजेक्शन के संबंध में है।

दूसरे नियम के अनुसार अगर कोई व्यापारी पूरे साल में एक ही व्यक्ति को नकद में टुकड़ों-टुकड़ों में 2 लाख या उससे अधिक का सोना-चांदी बेचता है तो उसकी जानकारी आयकर विभाग को देना अनिवार्य है। इसे एनुअल इंफार्मेशन रिटर्न (एआईआर) में दर्शाना अनिवार्य है।

शाम को घंटाघर पर विरोध दर्ज कराते सराफा व्यापारी।

हड़ताल के चलते सराफा बाजार बंद रहा।

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