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कृषि वैज्ञानिकों ने देखी गेहूं की सूखती फसलें, उपाय भी बताए

5 वर्ष पहले
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जिले में अचानक सूख रही गेहूं की फसल को देखने के लिए गुरुवार को क्षेत्रीय गेहूं अनुसंधान केंद्र इंदौर का दल पहुंचा। उन्होंने गांवों में पहुंचकर गेहूं की फसल का जायजा लिया। इस दौरान जांच के लिए सूखी गेहूं की बालियों का सैंपल भी लिया। मालूम हो, जिले में 1 लाख 55 हजार 200 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई है। वर्तमान में गेहूं की बालियां अचानक सूखने लगी है। इसके कारण किसान परेशान हैं। आईसीएआर क्षेत्रीय गेहूं अनुसंधान केंद्र इंदौर के वरिष्ठ वैज्ञानिक जेबी सिंह, टीएल प्रकाशा सहित अन्य वैज्ञानिकों ने क्षेत्र का दौरा कर सूख रही फसल को देखा। उन्होंने सूख रही गेहूं की बालियों के सैंपल लिए। उन्होंने फसल में लग रही बीमारी का कारण और उसके निदान के उपाए भी बताए। प्राथमिक तौर पर बालियों के सूखने का कारण हेड ब्लाइट संक्रमण तथा परागकण ह्रास होना पाया गया है।

बीमारी फैलने के कारण

कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक एक ही प्रकार की किस्मों की फसल के बीज की वर्षों तक बुवाई के चलते इस तरह की बीमारी फैलती है। तय मात्रा से अधिक बीज की बुवाई करने, जीडब्ल्यू 322 किस्म के बीच की समय से पहले बुवाई करने और उसमें बालियां जल्दी आने तथा बाली अवस्था पर स्प्रिंकलर से सिंचाई करने के कारण इस तरह की बीमारी फैलती है। गेहूं की बालियां सूखने का एक कारण खाद में सिर्फ नत्रजन एवं फास्फोरस का उपयोग करना भी हो सकता है। इसी तरह पोटाश तत्व का उपयोग नहीं करने के चलते भी बालियां समय से पहले सूखती हैं।

रोकथाम के उपाय बताए
कृषि वैज्ञानिकों ने हेड ब्लाइट संक्रमण की रोकथाम के उपाय बताए हैं। उन्होंने टेबुकोनाजाॅल अथवा प्रोपिकोनाजाॅल का 250 मिलीग्राम दवा को 250 लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाने और उसे 15 दिनों के अंतराल पर दो से तीन बार छिड़काव की सलाह किसानों को दी है। उन्होंने कहा छिड़काव इस तरह से हो की बालियां भीग जाएं। वैज्ञानिकों ने प्रमाणित एवं नए बीज की बुवाई करने किस्मों को बदलकर बोने, तथा फसल चक्र अपनाने का सुझाव किसानों को दिया है। उन्होंने कहा जीडब्ल्यू 322 किस्म की बुवाई नवंबर के दूसरे सप्ताह में करने और बुवाई 100 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करने की सलाह दी है। साथ ही बीज के साथ फफूंद नाशक मिलाने को कहा है।

गर्मी की फसल के लिए मांगा पानी
टिमरनी। किसान संघ ने एसडीएम को दिया ज्ञापन।

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