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उपभोक्ताओं से अब लाइनमैन वसूलेंगे बिल

6 वर्ष पहले
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मप्र विद्युत वितरण कंपनी अपनी छवि सुधारने के लिए अब उपभोक्ताओं को तत्काल बिजली बिल की रसीद देने की तैयारी कर रही है। कंपनी के लाइनमैन उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूलेंगे और राशि वसूली की रसीद भी देंगे। नई व्यवस्था 1 मार्च से लागू होगी। इसके तहत लाइनमैन को रसीद बुक दे दी जाएगी। कमर्शियल उपभोक्ताओं को भी इससे सुविधा मिलेगी।

गांव में लगे समस्या निवारण शिविर में शामिल होने आए मप्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री एसके उपाध्याय ने भास्कर से चर्चा के दौरान कहा अभी तक लाइनमैन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के कनेक्शन, मोटरपंप आदि की वसूली की जाती थी, लेकिन वे रसीद नहीं दे पाते थे। इस वजह से कई बार हमारे कर्मचारियों को भी परेशानी होती थी।

कंपनी व लाइनमैन पर भी वसूली को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते थे। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया लाइनमैनों को रसीद बुक दे दी जाए। जिससे आम उपभोक्ता और किसानों को बिल की राशि देने में कोई परेशानी नहीं हो सकेगी। इसके अलावा विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।

यह है स्थिति
रहटगांव में तहसील में करीब 150 गांव हैं घरेलू, पंप कनेक्शनधारी किसान व अन्य कमर्शियल उपभोक्ताओं सहित करीब 1.25 करोड़ की राशि बकाया है। टिमरनी में 1.5 करोड़, करताना में 2.25 करोड़ की राशि की वसूली की जानी है। हरदा जिले में लगभग 36 करोड़ रुपए बिजली बिल के बकाया है।

यह मिलेगा लाभ
इस नई व्यवस्था से विशेषकर यह लाभ होगा कमर्शियल उपभोक्ता लाइनमैन के माध्यम से भी बिल की राशि जमा कर सकेंगे। कंपनी के बकाया राशि भी समय पर मिल जाएगी और राजस्व भी बढ़ेगा।

यह आती है परेशानी
फिलहाॅल कंपनी बकाया बिल की वसूली के लिए लाइनमैन द्वारा वसूली तो कराती है, लेकिन जमा पर्ची कई दिनों तक उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती जिससे यह समस्या आम थी कि लाइनमैन ने राशि में गड़बड़ी की है। जिससे कंपनी की छवि पर भी असर पड़ रहा था इसी से बचने के लिए यह नया प्रयोग किया जा रहा है।

लाइनमैन वसूली करेंगे
1 मार्च से लाइनमैन वसूली कर रसीद देंगे, रसीद बुक कंपनी ही देगी। घनश्याम तिवारी, जेई मप्रविविकं रहटगांव।

तीन कॉपी होगी

नई व्यवस्था से कंपनी की छवि सुधरने की उम्मीद है अभी आरोप-प्रत्यारोप ज्यादा लगते हैं कि हमें रसीद नहीं मिली, रसीद तीन काॅपी में होगी एक उपभोक्ता, दूसरी कार्यालय व तीसरी बुक में ही रहेगी। समय पर इसकी जांच भी की जाएगी यदि अब गड़बड़ी हुई तो कंपनी संबंधित पर कार्रवाई कर सकेगी। सुमित अग्रवाल, उपमहाप्रबंधक, मप्र विविकं, हरदा

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