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फोरम ने माना, बैंक ने की सेवा में कमी

5 वर्ष पहले
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम ने एक मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कृषि शाखा हरदा को सेवा में कमी का दोषी पाते हुए दो किसानों को अलग-अलग करीब दो लाख रुपए की अतिरिक्त बीमा राशि और मानसिक त्रास व परिवाद व्यय की राशि चुकता करने के आदेश दिए हैं। फोरम के फैसले के बाद दोनों किसानों को करीब दो लाख रुपए की राशि देने के आदेश दिए।

परिवादी लक्ष्मणसिंह व रामबकस के अधिवक्ता दिनेश यादव ने बताया दोनों किसान टिमरनी तहसील के सन्यासा गांव के निवासी हैं। उनकी कृषि भूमि ग्राम खोडयाखेड़ी केंद्र रुंदलाय में स्थित है। लेकिन बैंक ने लापरवाही करते हुए किसानों के निवास गांव सन्यासा के अनुसार बीमा राशि तय कर दी।

यादव ने बताया किसानों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की कृषि विकास शाखा हरदा से 3 लाख 95 हजार 955 रुपए तथा 5 लाख 81 हजार रुपए का कृषि कर्ज खरीफ फसल के लिए लिया था। यादव ने बताया प्राकृतिक आपदा के कारण प्रशासन द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार खोडयाखेड़ी गांव में 59.66 प्रतिशत क्षतिपूर्ति का आंकलन किया था। लेकिन बैंक द्वारा बीमा कंपनी को किसानों के निवास स्थान के गांव सन्यासा के दस्तावेज भेज दिए गए। जिस कारण इन किसानों को उनके कृषि भूमि वाले गांव खोडयाखेड़ी की बीमा राशि न देते हुए सन्यासा के क्षतिपूर्ति आंकड़े के अनुसार बहुत कम बीमा राशि दी गई। यादव ने बताया इस फैसल में फोरम ने प्रतिवादी बैंक की इस आपत्ति को नकार दिया कि किसानों के द्वारा सहकारी समिति से भी कृषि ऋण व बीमा राशि प्राप्त हुई है। इस वजह से वे शेष बीमा राशि प्राप्त करने के अधिकारी नहीं हैं। यादव ने बताया फोरम ने लक्ष्मण सिंह को 79 हजार तथा रामबकस को एक लाख 18 हजार रुपए अतिरिक्त बीमा राशि देने के आदेश दिए। एक माह में इस राशि का भुगतान न करने पर 12 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देने के आदेश दिए।

इसके अलावा दो-दो हजार रुपए मानसिक त्रास के लिए तथा एक-एक हजार रुपए परिवाद व्यय भी चुकता करने के आदेश दिए। किसानों ने कहा कि फोरम के इस फैसले से किसानों को मार्गदर्शन मिलेगा। अभी तक नोडल बैंक की गलती के कारण कई किसानों को बीमा की राशि नहीं मिल पाती थी।

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