जयघोष के साथ आहुतियों का दौर
{त्रिवेणी तट पर महारुद्र यज्ञ और मेला
सिटीरिपोर्टर | रतलाम
त्रिवेणीतट पर चल रहे महारुद्र यज्ञ में रविवार को मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी गईं। यज्ञाचार्य पं. दुर्गाशंकर ओझा अन्य पंडितों के सान्निध्य में हवन कुंड में आहुतियां दी। श्रद्घालुओं ने यज्ञशाला की परिक्रमा कर हर हर महादेव के जयघोष लगाए। यज्ञ नारायण की आरती के बाद संत देवकीनंदनदास महाराज ने आशीर्वचन सुनाए। सनातन धर्म सभा महारुद्र यज्ञ समिति की ओर से आयोजित पंचकुंडात्मक यज्ञ में कमलादेवी गोपाल कड़ेल, सुमनदेवी कोमलसिंह राठौर, श्यामादेवी बाबूलाल सोनी, कविता शैलेंद्र ओझा, वैष्णवदेवी रमेश पाटीदार ने आहुतियां दीं।
बीजसे ही फसल अच्छी नहीं-धर्मसभा मेंसंतश्री देवकीनंदनदास महाराज ने कहा खेत में केवल बीज बोने से काम नहीं चलता। अच्छी फसल के लिए चोर, मोर और ढोर से सुरक्षा करना पड़ती है। समय-समय पर खाद और पानी देना पड़ता है। उसी तरह सफल गृहस्थ जीवन में परिजन को संतों के सानिध्य धार्मिक संस्कारों से सींचना आवश्यक है। स्वागत रमेश व्यास, रामचंद्र शर्मा, लालचंद टांक, आशा उपाध्याय, राजेश दवे, नवनीत सोनी, गोपाल जवेरी, प्रहलाद शर्मा, नारायण राठौड़, हरसहाय शर्मा, तारादेवी सोनी, भेरूलाल गगरानी, रामचंद्र पटेल, बंशीलाल शर्मा, सुरजमल टांक आदि ने किया।