शुरुआत पारदर्शिता से, अंत विकास पर
हमशुरुआत नगर निगम के कामकाज में पारदर्शिता लाने से करेंगे। ताकि शहर की जनता यह जान सके कि कामकाज किस प्लानिंग जद्दोजहद से होते हैं। जनप्रतिनिधियों की परेशानी क्या होती है। जनता की भूमिका क्या होना चाहिए। इसे जनता के सामने लाने के बाद सर्वोच्च प्राथमिकता विकास की रहेगी। यह संकल्प दैनिक भास्कर की पहल पर 7 और नवनिर्वाचित पार्षदों ने लिया। उन्होंने विकास के लिए शत प्रतिशत योगदान देने का वादा भी किया।
जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सांसदों से गांव गोद लेने की गुजारिश की। उन्होंने जीरो फंडिंग वाली स्कीम को जनसहयोग से पूरा करने का लक्ष्य रखा। इस प्रयोग को दैनिक भास्कर ने शहर विकास के लिए रोल मॉडल बनाने की सोची। नगर सरकार के नवनिर्वाचित पार्षदों से सीधा संवाद किया तो सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे। दो दिन में 12 पार्षदों ने मुहिम से जुड़कर विकास का संकल्प दोहराया। उन्होंने कॉलोनियां चयन कर प्राथमिकता तय की। रविवार को 7 और नवनिर्वाचित पार्षद कॉलोनी या वार्ड विकास के संकल्प के साथ आगे आए और प्राथमिकता बताई।
भास्करप्रोत्साहित करेगा जनभागीदारी के काम-कॉलोनी वार्डविकास के सपने में जनता को सहयोगी बनाने की पहल को निकट भविष्य में भास्कर प्रोत्साहित करेगा। यदि किसी वार्ड या कॉलोनी में पार्षद जनता को साथ लेकर अनूठी मिसाल रचते हैं तो ऐसे हर प्रयास को भास्कर समूचे प्रदेश के लिए रोल मॉडल के रूप में पेश करेगा।
समय की मांग
{शहर में पॉलीथिन का उपयोग शत प्रतिशत प्रतिबंधित होना चाहिए। इसके लिए कानूनी कार्रवाई पेनल्टी का प्रावधान हो। जनजागरूकता की दिशा में भी काम हो।
{नगर निगम कार्यालय में कर्मचारियों की मॉनीटरिंग सुरक्षा के लिए सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएं। ताकि भ्रष्टाचार असामाजिक गतिविधियों पर रोक लग सके।
{नगर निगम की सभी शाखाओं का कम्प्यूटराइजेशन किया जाए। रिकॉर्ड अपडेट हो। कर्मचारियों के साथ जनता को भी रिकॉर्ड पता करने में सहूलियत हा़े।
{अधिकारियों-कर्मचारियों की पूर्ति की जाए। नागरिक सुविधाओं का विस्तार कर जोन कार्यालय संचालित किए जाएं। इन कार्यालयों पर अधिकारी-कर्मचारी नियमित रूप से मिलें।
इम्पैक्ट
भास्कर