संपवेल का नहीं मिल रहा लाभ
वार्ड16 में डेढ़ करोड़ की लागत से डेढ़ साल पहले संपवेल बना। टैंकर से संपवेल भरकर घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इसका लाभ आधे लोगों को मिल रहा है वह भी अपर्याप्त। पाइप लाइन से कनेक्शन नहीं जुड़ने से लोग परेशान हंै।
प्रोजेक्ट उत्थान के अंतर्गत सुभाषनगर क्षेत्र की हरिजन बस्ती में डेढ़ करोड़ में संपवेल बनाया था। उदघाटन के इंतजार में डेढ़ साल बीत गया। इससे संपवेल का कनेक्शन मुख्य पाइप लाइन से नहीं हो पाया जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी व्यवस्था के तहत टैंकर से संपवेल में पानी भरकर काम चलाया जा रहा है।
आधेघरों तक पहुंचता है पानी-पार्षद पतिमोहन वर्मा ने बताया क्षेत्र में संपवेल से 400 से अधिक घरों को नल कनेक्शन दिए हैं। 1 रुपए रोज के हिसाब से प्रति कनेक्शन 30 रुपए प्रतिमाह लेते हैं। प्रेशर नहीं मिलने से आधे घरों तक ही पानी पहुंचता है। अनेक बार नगर निगम प्रशासन महापौर को अवगत करवाया लेकिन समस्या हल नहीं हुई। सुभाषनगर के किशोर सोनगरा ने बताया पाइप लाइन का संपवेल से कनेक्शन क्यों नहीं किया, समझ नहीं रहा। कनेक्शन जल्द होना चाहिए ताकि समस्या हल हो। सावित्री बोस ने कहा पानी तो आता लेकिन नलों में प्रेशर नहीं मिलता। जरूरत के हिसाब से पानी नहीं मिलने से परेशानी हो रही है।
केवलपाइप लाइन जोड़ना है- यूआईडीएसएसएमटीयोजना के तहत नई पाइप लाइन संपवेल के नजदीक डली है। केवल उसका कनेक्शन करना है। इसके पीछे तर्क ये है कि उदघाटन होगा उसके बाद ही पाइप लाइन को जोड़ेंगे। इसके बाद ही समस्या हल हो जाएगी।
निगम पर अतिरिक्त भार
डेढ़लाख लीटर क्षमता वाले संपवेल को भरने के लिए 8 से 10 टैंकर पानी लाना पड़ता है। ये अस्थाई व्यवस्था कर रखी है। टैंकर से पानी लाने पर डीजल भी खर्च होता है। कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाना पड़ती है। इससे नगर निगम को ही अतिरिक्त भार उठाना पड़ रहा है।
^कई बार संपवेल को पाइप लाइन से जोड़ने के लिए लिख चुके हैं। सीएम के आगमन के दौरान उदघाटन होना था। उनके नहीं आने से मामला अटक गया। महापौर से चर्चा करेंगे। बबीतावर्मा, पार्षद
^संपवेलको टैंकर से भरकर उपयोग चालू है। उदघाटन जैसी बात नहीं। शीघ्र ही यूआईडीएसएसएमटी योजना में डली पाइप लाइन से कनेक्शन करवाया जाएगा। शैलेंद्रडागा, महापौर
सुभाषनगर में बना संपवेल जिसका कनेक्शन पाइप लाइन से होना ह