एक भी किसान को नहीं मिला बीमा
फसल बीमा को लेकर विरोध
खर्चा 50 हजार, मुआवजा 5000
प्रभारीमंत्री भले ही जिले में 14.69 करोड़ रुपए का कृषि बीमा बांटने का दावा करें। लेकिन बीमा पाने वाले किसान खुश नहीं हैं। किसानों का कहना है 50,000 रुपए खर्च हो गए, बीमा 5000 रुपए दे रहे हैं। अनमने भाव से किसानों ने मंत्री के हाथ से बीमा वितरण का प्रमाण-पत्र लिया।
गुरुवार दोपहर कालिकामाता मैदान में हुए कार्यक्रम में फसल बीमा के प्रमाण-पत्र बांटे गए। मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री पारस जैन ने 13 किसानों को प्रमाण-पत्र दिए। अध्यक्षता करते हुए सांसद दिलीपसिंह भूरिया ने कहा कृषि विकास दर में मप्र देश का नंबर एक प्रदेश है। शहर विधायक चेतन्य काश्यप ने कहा किसानों के चेहरों पर चमक लाना जरूरी है। कार्यक्रम में 3.42 करोड़ के 21 विकास कार्यों का लोकार्पण शिलान्यास किया। विशेष अतिथि मप्र वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी थे। महापौर शैलेंद्र डागा, जिपं अध्यक्ष निर्मला पाटीदार, विधायक मथुरालाल डामर, संगीता चारेल, जितेंद्र गेहलोत ने भी संबोधित किया। पूर्व राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया, जिला भाजपा अध्यक्ष बजरंग पुरोहित मौजूद थे।
जनआंदोलन बनाएं-प्रभारी मंत्रीने कृषि महोत्सव को जन आंदोलन बनाने के निर्देश दिए। तैयारी के लिए गुरुवार को बैठक हुई। सांसद भूरिया ने गांव की जलवायु और मिट्टी के परीक्षण उपरांत फसलों की अनुशंसा की आवश्यकता जताई। कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने रूपरेखा पर प्रकाश डाला।
इससे ज्यादा तो मजदूर को दे देते हैं
^5 बीघा जमीन की फसल का मुआवजा मिला। पूरी फसल खराब हो गई थी। मुआवजा 6761 रुपए दे रहे हैं। इतने तो एक बीघा की फसल तैयार करने में ही खर्च हो जाते हैं। भोमजीओंकारजी, बाली,सैलाना
^12 बीघा सोयाबीन खराब हुई थी। 50 हजार से ज्यादा का खर्च हुआ था। बीमा के नाम पर 6664 रुपए मिले। ये अन्याय है। पन्नालाल,मूंदड़ी(रतलाम)
^13 बीघा की सोयाबीन खराब हुई थी। एक दाना हाथ नहीं आया। बीमा मिला 5743 रुपए। इससे ज्यादा मजदूरी बांट दी। सरकार ने न्याय नहीं किया। गौतमपूंजाजी, गरेठी(सैलाना)
कार्यक्रम में काफी लोग आए थे। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका गांवों में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ज्यादा संख्या में मौजूद थे।
रतलाम| पिछलेसाल हुई अतिवृष्टि से कोटड़ी और ढिकवा के 400 किसानों की सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई थी। इन गांवों के किसानों को ए