1 साल की फीस, 11 महीने में पेनल्टी
खाद्यसुरक्षा अधिनियम में लाइसेंस फीस तो एक साल की ली जा रही है लेकिन 11 महीने में ही पेनल्टी ली जा रही है। वो भी 100 रुपए रोज के मान से। इससे खाने-पीने की सामग्री बेचने वाले व्यापारी मुसीबत में हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम में खाने-पीने की सामग्री बेचने वालों को खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लेना जरूरी है। 12 लाख रुपए से ऊपर के सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों को लाइसेंस और इससे कम वाले या फुटकर विक्रेताओं को पंजीयन कराना पड़ेगा। लाइसेंस के लिए 2000 रुपए सालाना फीस है। पंजीयन के लिए 100 रुपए शुल्क है। जिन व्यापारियों का एक साल पूरा हो गया है वे लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन कर रहे हैं। उनसे पेनल्टी ली जा रही है। अधिकारी बता रहे हैं आपको 11 महीने में नवीनीकरण कराना था। इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी रही है। अब 100 रुपए रोज के हिसाब से पेनल्टी चुकाना होगी वरना लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होगा। व्यापारियों को सालभर का शुल्क चुकाने के बाद भी 11 महीने से ही पेनल्टी ली जा रही है। इस नियम से शहर के 6000 से ज्यादा व्यापारी परेशान हैं। इनमें किराना, नमकीन, मिठाई सहित सभी व्यापारी शामिल हैं।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. जामोद ने बताया नियम सरकार ने बनाया है। व्यापारियों को लाइसेंस नवीनीकरण कराना हो तो उन्हें साल पूरा होने के एक महीने पहले आवेदन करना जरूरी है। नहीं तो पेनल्टी चुकाना होगी। इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। जब से एक्ट लागू हुआ है तब से यही नियम है। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते हैं।
ये तो सरकार का नियम है
व्यापारी आंदोलन के मूड में
संयुक्तव्यापारी संघ के मनोज झालानी, गोविंद अग्रवाल एवं संजय पारख ने बताया व्यापारियों से जब फीस पूरे साल की ली जा रही है तो फिर लाइसेंस भी एक साल के लिए मिलना चाहिए। व्यापारी नवीनीकरण करा रहा है तो उससे 100 रुपए रोज के हिसाब से पेनल्टी ली जा रही है। ये कहां का नियम है। इसकी जानकारी पूर्व में विभाग ने हमें कभी नहीं दी और ही अखबारों में पढ़ा। ये तो व्यापारियों के साथ धोखा है। यदि जल्द ही इसको लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
ऐसे समझें
किसीव्यापारी ने 1 जनवरी 2014 में खाद्य सुरक्षा विभाग से लाइसेंस लिया। इसका 1 जनवरी 2015 को एक साल पूरा होगा। अधिनियम में उस व्यापारी को 11 महीने बाद यानी 1 दिसंबर तक