हर माह 30 नकली नोट आते बैंकों में
एटीएमसे मिले नकली नोटों के मामले में पुलिस चौथे दिन भी उलझी रही। लेकिन घटना की पड़ताल में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई कि शहर में नकली नोट चलन में हैं। हर महीने करीब 30 नोट बैंकों में पकड़े जा रहे हैं। नियमों की जटिलता के कारण नोट जलाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है। नकली नोट 500 और 1000 रुपए के हैं।
नकली नोट मामले में भास्कर की पड़ताल में यह बात सामने आई। बैंक सूत्रों के मुताबिक एक साल में नकली नोट मिलने की संख्या बढ़ गई है। एक साल पहले तक हर महीने 20 नकली नोट बैंकों तक पहुंचते थे। अब बढ़कर संख्या करीब 30 हो गई है। सभी बैंकों में नकली नोट मिलने के मामले सामने आए हैं।
नकलीनोट आने के रास्ते- रतलामसाड़ी, सोना, सेंव, कपड़ा, मावा का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है। आसपास के जिले सहित देशभर से खरीदार आते हैं। इनमें व्यापारी अन्य खरीददार होते हैं। शहर की गिनी-चुनी दुकानों पर ही नोट जांचने की मशीन है। ऐसे में नकली नोट चलाना संभव है। गुजरात राजस्थान सीमा भी जिले से है। यहां से भी नकली नोट आने की आशंका है।
एक ट्रांजेक्शन में चार नकली नोट तो ही एफआईआर
लेन-देनमें नकली नोट मिलने पर बैंकें ग्राहकों से लेकर नकली नोट अपने पास रख लेती हैं। ताकि ये दोबारा बाजार में आएं। बाद में इन्हें नष्ट कर दिया जाता है। नुकसान ग्राहकों को झेलना होता है। नियमों के कारण कर्मचारियों को ऐसा करना पड़ता है। पहले एक नकली नोट मिलने पर एफआईआर करा सकते थे। आरबीआई के नए नियम के अनुसार एक ट्रांजेक्शन में चार नकली नोट मिलने पर ही बैंक एफआईआर दर्ज करा सकता है। कम नोट होने पर बैंक नोट लेकर उस पर क्रॉस लगाकर ग्राहक के सामने ही नष्ट कर देते हैं।
कहां से आए नकली नोट अब तक नहीं चला पता
कलेक्टोरेटस्थित एसबीआई के एटीएम में 500 के बीस नकली नोट कहां से आए। इसकी जांच में पुलिस गुरुवार को भी उलझी रही। सुराग नहीं मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ पाई। एएसपी प्रशांत चौबे ने बताया फरियादी से पूछताछ चल रही है। गौरतलब है अमलेटा के लोकेश पाटीदार ने कलेक्टोरेट स्थित एसबीआई के एटीएम से शनिवार को 15 हजार रुपए निकाले थे। इसमें पांच-पांच सौ के 20 नोट नकली निकले थे। फरियादी ने सोमवार सुबह एसपी डॉ. आशीष को जानकारी दी।