धन-दौलत नहीं अच्छे संस्कार की जरूरत
आजधन, दौलत, आभूषण की जरूरत नहीं है। जरूरत है तो अच्छे संस्कारों की। ताकि समाज को बिखरने से बचाया जा सके। हर व्यक्ति धन की लालसा में भाग रहा है। लालसा का अंत नहीं है। आवश्यकता है तो संतोष रूपी धन की ताकि व्यक्ति खुशहाल रह सके।
यह बात सुरभि परिसर में श्रीमदभागवत कथा में गुरुवार को आचार्य दिनेशकृष्ण शास्त्री ने कही। उन्होंने श्रद्धालुओं को भागवत भक्ति के बारे में बताया। बीच-बीच में भजनों की प्रस्तुति दी गई। इसमें महिलाएं झूम उठी। ऑर्गन पर रामसिंह, ढोलक पर हिरेंद्रसिंह पंवार, शांतिलाल योगी संगत दे रहे हैं। कथा रोज दोपहर 2 से 5 बजे के बीच हो रही है। कथा विश्राम 17 फरवरी को होगा।
आजक्या- भागवतप्रचारक तेजकुमार सोलंकी ने बताया शुक्रवार को ध्रुव चरित्र, प्रहलाद चरित्र, सती चरित्र की कथा का वर्णन होगा।
श्रीमदभागवत की आरती करते श्रद्धालु।