आज से खरीददारी के तीन श्रेष्ठ मुहूर्त
श्राद्धपक्षको 6 दिन और है। इन दिनों तीन श्रेष्ठ मूहूर्त के साथ दो अमावस्या के योग हैं। शुक्रवार को पुष्य नक्षत्र और बाकी दो दिन गजकेसरी योग रहेंगे। पुष्य नक्षत्र जहां खरीददारी के लिए सर्वश्रेष्ठ रहेगा वहीं सर्वार्थसिद्धि योग खरीददारी के साथ नए कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ हैं।
पुष्यका स्वामी शनि, संयोग से शनि-गुरु दोनों उच्च राशि में
पुष्यनक्षत्रों का राजा है। इसमें किए सभी कार्य स्थिर होते हैं। इस नक्षत्र का स्वामी गुरु हैं। फलित ग्रंथों में शनि को नक्षत्र का स्वामी माना जाता है। गुरु शुभ का कारक है। शनि स्थिरता का। इस साल संयोग से शनि भी उच्च राशि तुला में है और गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में हैं।
पुष्यनक्षत्र - पितृपक्षमें 19 सितंबर को पुष्य नक्षत्र योग सूर्योदय से शुरू होकर अगले दिन सुबह 9.10 बजे तक रहेगा।
दोदिन अमावस्या
पितृपक्षमें इस बार अमावस्या दो दिन रहेगी। श्री हरिनारायण पंचांग के पं. नितिन बैरागी ने बताया 23 सितंबर सुबह 9.46 बजे तक चतुर्दशी हैं। इसके बाद अमावस्या शुरू होगी, जो 24 सितंबर तक रहेगी। पितृ तर्पण, श्राद्ध 23 को होगा। 24 सितंबर को स्नान-दान और देवकार्य के लिए अमावस्या रहेगी।
कब -क्या
{19सितंबर- पुष्य नक्षत्र
{20-21 सितंबर- गजकेसरी योग दोनों दिन रहेगा। सभी तरह की खरीददारी के लिए श्रेष्ठ।
{25 सितंबर- हस्त नक्षत्र, ब्रह्म योग।
{27 सितंबर- सर्वार्थ सिद्धि योग।
{29 सितंबर- सर्वार्थ सिद्धि योग, ललिता पंचमी।
{3 अक्टूबर- सर्वार्थ सिद्धि योग विजयादशमी(दशहरा)।