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25 से नवरात्रि शुरू, मंदिराें में तैयारी जारी

7 वर्ष पहले
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देवीआराधना के पर्व नवरात्रि को लेकर देवी मंदिरों में तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। इस बार नवमी की सुबह देवी आराधना होगी तो शाम को विजयादशमी का रावण दहन। तिथियों के मिलन से ऐसा संयोग निर्मित हो रहा है। शहर के कालिकामाता मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में नवरात्रि को लेकर तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। कालिकामाता प्रांगण में रंगरोगन शुरू हो गया है वहीं गरबा पंडाल को व्यवस्थित किया जा रहा है। मंदिर प्रांगण में इस बार घटस्थापना के लिए पहाड़ की प्रतिकृति तैयार की जा रही है। जिस पर मां दुर्गा की प्रतिष्ठा की जाएगी। शहर में 150 से अधिक स्थानों पर गरबे होंगे। इसके लिए पंडाल तैयार होंगे। अभी आयोजकों की बैठकों का दौर जारी है। इनमें कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा रही है।

इस बार नवमी और दशमी एक ही दिन है। शास्त्रानुसार दशमी तिथि अपरान्हव्यापिनी होने से नवमी में रही दशमी तििथ को विजयादशमी मनाई जाएगी। 25 सितंबर को घटस्थापना के साथ नवरात्रि शुरू होगी। यह 3 अक्टूबर तक चलेगी। पंडित पुष्पेंद्र शर्मा के अनुसार 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 8 मिनट तक अष्टमी है। इसके बाद नवमी प्रारंभ होगी जो 3 अक्टूबर को सुबह 9.59 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी शुरू हो जाएगी।

खरीदीके िलए श्रेष्ठ-अक्षय तृतीयाऔर विजय दशमी पर्व अबूझ मुहूर्त के रूप में मान्य हैं। ये मांगलिक कार्य, खरीददारी और पूजन के लिए श्रेष्ठ माने गए हैं। इस दिन वाहनों की बिक्री, स्वर्ण आभूषण की खरीदी, व्यापार मुहूर्त आदि कार्य आरंभ करना श्रेष्ठ रहेगा।

इस बार नवरात्रि

25सितंबर - घटस्थापना, 26 सितंबर - द्वितीया, 27 सितंबर तृतीया, 28 सितंबर - चतुर्थी, 29 सितंबर - पंचमी, 30 सितंबर - षष्ठी, 1 अक्टूबर - सप्तमी, 2 अक्टूबर - महाअष्टमी, 3 अक्टूबर - महानवमी दशहरा।

पितरों को मुक्ति दिलाएगी इंदिरा एकादशी, आज

पंडितशिवशंकर दवे ने बताया श्राद्ध पक्ष में शुक्रवार (19 सितंबर) को इंदिरा एकादशी है। इस दिन पूर्ण श्रद्धा के साथ किए व्रत पूजन से पितरों को अधोगति से मुक्ति मिलती है। 16 दिन चलने वाले श्राद्ध पक्ष में यदि भूल हो जाती है तो एकादशी के व्रत से उसे सुधारा जा सकता है। इस एकादशी का व्रत करने से सात पीढ़ियों के पितृ मोक्ष को प्राप्त होते हैं। इस दिन सालिगराम का पूजन कर ब्राह्मणों को फलाहार करवाया जाता है। कथा श्रवण भी करना चाहिए। पीपल में भग