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भागवत कथा श्रवण से होता जीवन धन्य

7 वर्ष पहले
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परमात्माके दर्शन के बिना जीवन सफल नहीं होता। परमात्मा जिस पर कृपा करते हैं उसका मन शुद्ध हो जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करने मात्र से व्यक्ति परमात्मा का कृपापात्र बन जाता है। भागवत कथा श्रवण कर जीवन धन्य करना चाहिए।

यह बात पं. योगेश्वर शास्त्री ने गुरुवार को मेहंदीकुई बालाजी मंदिर हाॅल में चल रही भागवत कथा में कही। शास्त्रीजी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाललीलाओं तथा गोपियों के साथ की रासलीला की वर्णन किया। उन्होंने कहा भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से गोपियां विकारों से दूर रहीं। इसी तरह हमें भी अंत:करण को शुद्ध रखना चाहिए। प्रेम से परमात्मा की प्राप्ति होती है इसलिए हमेशा प्रेमभाव में जीना चाहिए। शास्त्रीजी ने श्रीकृष्ण द्वारा किए पूतना वध सहित अनेक प्रसंग सुनाए। व्यासपीठ पूजन का लाभ समाजसेवी अजय तिवारी, संजय दवे ने लिया।

पितृआते हैं मृत्युलोक में-भक्तन कीबावड़ी मुक्तिधाम पर चल रही भागवत कथा में पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री ने कहा श्राद्ध पक्ष में पितृदेव मृत्युलोक में आकर काव्य श्रवण करते हैं। इसलिए श्राद्ध पक्ष श्रद्धा तर्पण का समय है। प्रत्येक प्राणी को कथा श्रवण करना चाहिए। भागवत प्रचारक तेजकुमार सोलंकी ने भजन पेश किए।

ज्ञानीगुरु का संग करना चाहिए-डोंगरानगर स्थितवीर तेजाजी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में गुरुवार को आचार्य पं. राममिलन शास्त्री ने कहा चित्र नहीं चरित्र की पूजा होती है। चरित्र तभी सुंदर होगा जब गुरु शरण में जाओगे। गुरु ब्रह्म रूप होते हैं। बीच-बीच में भजन पर श्रद्धालु झूम उठे। कथा रोज दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक हो रही है।

भजन पर नृत्य करती बालिका मौजूद श्रद्धालु। इनसेट- कथा वाचन करते पं. दिनेशकृष्ण शास्त्री।