रतलाम। मेरे कहने पर कोई काम मत करो लेकिन जो नियम में है, सही है वो तो करो। जनता का काम तो करो। आप जांच करो फिर जो सही हो वो करना। किसी के कहने पर मत करना।
ये बात प्रभारी मंत्री पारस जैन से वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी ने गुरुवार शाम सर्किट हाउस में कही। फूल मंडी की दुकानों के अलॉटमेंट के मुद्दे पर हालात ये बने कि उन्हें अपनी बात कहने दोबारा सर्किट हाउस जाना पड़ा।
शाम 4.45 बजे सर्किट हाउस पहुंचे प्रभारी मंत्री के सामने फूलमंडी दुकानों के मामले में ज्ञापन लेकर पहुंचे लोगों के समर्थन में कोठारी ने प्रभारी मंत्री से कहा इनके साथ अन्याय हो रहा है। दुकानें इन्हें मिलना चाहिए। प्रभारी मंत्री ने निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया से कहा मामले को दिखाओ। इसके बाद कोठारी वहां से चले गए।
सीधी बात : वित्त आयोग अध्यक्ष हिम्मत कोठारी
सिर्फ न्याय की बात कही
- सवाल-विधायक से क्या मतभेद थे।
जवाब- मतभेद नहीं था। फूल मंडी के व्यापारियों के साथ न्याय करने की बात प्रभारी मंत्री से कही है।
- सवाल- विधायक ने विरोध किया था?
जवाब- विरोधनहीं किया। वे अपनी बात कह रहे थे।
- सवाल- फिर दोबारा क्यों जाना पड़ा?
जवाब- मुझेजानकारी मिली कि नियमों का पालन नहीं हुआ। दोबारा ये कहने गया कि जनता के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
मेराकोई मतभेद नहीं : विधायक चेतन्य काश्यप
- सवाल-वित्त आयोग अध्यक्ष से क्या मतभेद थे?
जवाब- मेराउनसे कोई मतभेद नहीं है। उनसे कोई बात भी नहीं हुई।
- सवाल-फूल मंडी मामले पर क्या हुआ?
जवाब- नियमोंके मुताबिक लीज रिन्यू हुई है। अलॉटमेंट कलेक्टर के अधिकार का मामला है। मैंने भी नियमों के मुताबिक काम का कहा था।
- सवाल-ये गुटबाजी की स्थिति तो नहीं?
जवाब- किसी तरह की गुटबाजी नहीं है। हम सभी जनता के लिए लड़ रहे हैं।
विधायक ने कहा-सब नियम से हुआ: घटनाक्रमकी जानकारी मिलते ही विधायक चेतन्य काश्यप पहुंचे। उन्होंने प्रभारी मंत्री के सामने आयुक्त से कहा सब नियम से हुआ है। अब क्या देखोगे। इसमें कुछ नहीं है। ये सुन निगम आयुक्त तनाव में गए कि अब करना क्या है, देखें या ना देखें।
फिर सर्किट हाउस आए वित्त आयोग अध्यक्ष
विधायकद्वारा कहे शब्दों की जानकारी वित्त आयोग अध्यक्ष को उनके समर्थकों ने सर्किट हाउस से फोन पर दी। वे 5.30 बजे फिर सर्किट हाउस गए। उस वक्त प्रभारी मंत्री विधायक, कलेक्टर डॉ. संजय गोयल और एसपी डॉ. जीके पाठक के साथ थे। कोठारी नियम से न्याय करने की बात कहकर चले गए।
प्रभारी मंत्री ने बताया मामला कलेक्टर को सौंपा है। वे जांच कर तय करेंगे कि नियमानुसार क्या होना चाहिए।
क्या है मामला : हरमाला रोड की सब्जी मंडी का संचालन नगर सुधार न्यास ने तीस साल के लिए लीज पर दिया था। सब्जी मंडी सैलाना बस स्टैंड के नजदीक शिफ्ट हो गई। उन दुकानों में फूल वाले कारोबार कर रहे हैं। लीज अवधि 2012 में समाप्त हो चुकी है। हाल ही में नगर निगम ने इन दुकानों को बढ़ी हुई राशि पर फिर से सब्जी विक्रेताओं को अलॉट कर दिया जबकि यहां व्यवसाय फूल विक्रेता कर रहे हैं। कोठारी का कहना है जो वहां व्यवसाय कर रहा है उन्हें ही दुकानें मिलना चाहिए।
आगे क्या : कलेक्टर को सौंपा मामला।
मप्र राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष और शहर विधायक का अलग-अलग रुख, प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर से कहा-आप देखो ।
प्रभारी मंत्री के सामने नियमों के मुताबिक निर्णय करने की बात कहते वित्त आयोग अध्यक्ष।
फूल मंडी मामला |