प्यार बरसाने वाली भाषा है हिंदी
हिंदीको भले ही हम संकुचित भावना से देखें पर वास्तव में हिंदी प्रेम बरसाने वाली भाषा है। विदेशी लोग हिंदी के संवाद सुनकर प्रसन्न होते हैं जबकि हम अंग्रेजी बोलने को शोभा मानते हैं।
ये बात शासकीय कला विज्ञान महाविद्यालय के हिंदी प्राध्यापक डॉ. सी.एल. शर्मा ने माणकचौक विद्यालय में हिंदी दिवस पर रविवार को आयोजित समारोह में कही। अरुण भार्गव स्मृति समिति द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में वार्षिक स्मारिका का विमोचन किया। रंगकर्मी ओमप्रकाश मिश्र, डॉ. मुरलीधर चांदनीवाला ने भी संबोधित किया। स्वागत भाषण दिलीप पंवार, संस्था परिचय डाॅ. मुनींद्र दुबे ने दिया। जीवन मईडा, जी.एफ बुरहानपुरकर, सुरेंद्र छजलाणी, भेरूलाल भूरिया, बाबूलाल परमार, दिलीप भाभर, रविप्रकाश मोदी मौजूद थे। स्वागत विनोद शर्मा, जुबेर आलम कुरैशी, प्रमोद वोरा, राजीव लवानिया, शैतानसिंह, हेमंतसिंह राठौर, संजय अटेडि़या, डॉ. पूर्णिमा शर्मा, सीमा भार्गव, भावना पुरोहित, डॉ. दिलीप चौहान ने किया।
पुस्तक का विमोचन करते अतिथि।