खेतों, सड़कों पर ओलों की चादर बिछी, हवा से आड़ी हो गईं फसलें ।
रतलाम। रविवार शाम कई स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश हुई। असावती, कुम्हारी क्षेत्र में ओले गिरे। खेत-खलिहान सड़कें बर्फ से पट गई। कहीं-कहीं ओलों की 8 इंच तक परत जम गई। इससे कई क्षेत्रों में फसलें तबाह हो गईं।
जिले में दो दिन से बारिश हो रही है। शनिवार रात जिले में 4 मिमी बारिश हुई थी। सबसे अधिक बारिश रतलाम में 8.4 मिमी दर्ज की गई। रविवार सुबह से बादल छाए रहे। शाम को शहर में बूंदाबांदी और गांवों में तेज हवा के साथ बारिश हुई।
शाम 6 बजे पल्दुना, धमोत्तर, नौगांवखेड़ी, धौंसवास, बरबोदना आदि गांवों में तेज बारिश हुई। पौने आठ बजे मलवासा, रिंगनिया हतनारा, जड़वासाकलां, जड़वासा खुर्द अादि गांवों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। रात 8.30 बजे से प्रीतमनगर, सेमलिया में बारिश हुई। दंतोड़िया में 10 मिनट तक बोर के आकार के ओले गिरे।
फायदा तो कहीं नुकसान-पलदूना के विनोद कुमार ने बताया पानी पौधों को फायदा पहुंचाएगा। किसानों को एक पानी कम देना पड़ेगा। धमोतर के बलराम धाकड़ ने बताया गेहूं की फसल पक चुकी है। इसी सप्ताह से कटाई शुरू होनी थी। पानी और हवा के कारण फसलें आड़ी हो गईं।
फायदा भी हुआ: '' दो दिनी बारिश से अधिकतर फसलों को 10 फीसदी फायदा हुआ है। बारिश सभी जगह एक जैसी नहीं हुई। इस कारण फायदे को बड़े दायरे के रूप में नहीं देखा जा सकता।''- सीके जैन, उपसंचालक कृषि रतलाम ।