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रतलाम बनेगा रोल मॉडल

7 वर्ष पहले
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रतलाम। अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण में रतलाम प्रदेश में रोल मॉडल बनेगा। यह बात नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त ने नगर निगम का प्रोजेक्ट देखने के बाद कही। उन्होंने यह प्रोजेक्ट प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू करने के संकेत दिए।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संजय शुक्ला बुधवार को शहर में आए। उन्होंने सर्किट हाउस में विधायक चेतन्य काश्यप महापौर शैलेंद्र डागा की मौजूदगी में कलेक्टर डॉ. संजय गोयल, निगमायुक्त सोमनाथ झारिया से चर्चा की।
उन्होंने अवैध कॉलोनियों के नियमितिकरण के लिए निगम द्वारा तैयार प्रोजेक्ट देखा। विधायक, महापौर कलेक्टर के सुझाव सुने। प्रोजेक्ट को सराहते हुए शुक्ला ने अवैध कॉलोनी के नियमितिकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का कहा। नियमितिकरण में बाधक निगम एक्ट के बिंदुओं में संशोधन का भी कहा। करीब 2 घंटे से ज्यादा चली चर्चा के दौरान 23 कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं जुटाने के लिए 13.20 करोड़ रुपए देने की गुजारिश की गई। इस राशि से कॉलोनियों में 4809 मकान और प्लॉट के मालिकों रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
आयुक्त ने जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया। महापौर ने आयुक्त को पत्र दिया जिसमें मुख्यमंत्री शहरी अवैध कॉलोनी नियमितिकरण योजना लागू करने का आग्रह किया गया। इस संबंध में सुझाव भी दिए। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। इस दौरान भोपाल के कंसलटेंट दीप अग्रवाल, एसडीएम सुनीलकुमार झा आदि मौजूद थे।

ये कॉलोनी नियमितिकरण प्रक्रिया में - मालवानगर,वरदाननगर (राजगढ़), महेशनगर, रेलनगर, राजीवनगर (राजगढ़), गणेशनगर (राजगढ़), महेशनगर, सौभाग्यनगर (राजगढ़), निरालानगर (राजगढ़), काेमलनगर (राजगढ़), श्रृंगीनगर, मोहननगर (कॉमर्स कॉलोनी), गणेशनगर, शक्तिनगर, आदर्शनगर (विरियाखेड़ी), पटवारी कॉलोनी (विरियाखेड़ी), सखवालनगर (राजगढ़), धीरजशाहनगर (ईश्वरनगर, खेतलपुर), कल्याणनगर, तेजानगर-ब्लॉक 2 (करमदी रोड), ज्योतिनगर (करमदी रोड), समतानगर संजयनगर (महू रोड)।

75-25 फीसदी के फार्मूले का आया सुझाव - अवैधकॉलोनी के नियमितिकरण में 75-25 फीसदी का फार्मूला निकला। कॉलोनियों में मूलभूत सुविधा जुटाने में आने वाले खर्च में 75 फीसदी शासन 25 फीसदी नगरीय निकाय, विधायक या सांसद निधि से मिलाने की बात आई। यह फार्मूला शासन के समक्ष रखा जाएगा। मंजूरी के बाद प्रदेश में लागू होगा।

बाह्य विकास शुल्क वसूला जाए- शहर से दूर कॉलोनी विकसित होने पर निगम को परेशानी आती है। पेयजल पाइप लाइन सीवर लाइन जोड़ने में काफी खर्च आता है। इसकी भरपाई कॉलोनाइजर से होना चाहिए। भरपाई के लिए बाह्य शुल्क में इजाफा किया जाना चाहिए।

छोटी टंकी बनाएं, राशि जमा करवाएं - कॉलोनियों में छोटी-छोटी टंकियां बना दी जाती हैं। इन्हें जोड़ने ऑपरेट करने में निगम को मशक्कत करना पड़ती है। निगम एक्ट में संशोधन कर छोटी टंकी बनाने के बजाय इसकी राशि जमा कराई जाए ताकि निगम बड़ी टंकी बना सके।
इन पर मंजूरी की संभावना
-2 टंकी (दीनदयालनगर विनोबानगर) का निर्माण।
- 27.65 करोड़ में 172 किमी डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन डालना।
- बस स्टैंड स्टेडियम का कायाकल्प।
- कॉलोनियों में छोटे गार्डन में मिनी हॉकर्स जोन का विकास।

13.20 करोड़ की जरूरत
''23कॉलोनी के नियमितिकरण के लिए 13.20 करोड़ रुपए चाहिए। आयुक्त ने निगम का प्रोजेक्ट सराहा।” सोमनाथ झारिया, निगमायुक्त।

रतलाम का पहला स्थान
''कॉलोनी नियमितिकरण में रतलाम ननि का प्रदेश में पहला स्थान है। निगम का प्रोजेक्ट रोल मॉडल बनेगा।” शैलेंद्र डागा, महापौर
जारी है प्रक्रिया
''निगम रिकॉर्ड में 103 अवैध कॉलोनी हैं। इनके नियमितिकरण की प्रक्रिया चल रही है।” चेतन्य काश्यप, विधायक
सर्किट हाउस में अवैध कॉलोनी के मुद्दे पर चर्चा करते नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संजय शुक्ला।

सीएम ने दिए थे निर्देश: विधायक ने 9 सितंबर को भोपाल में सीएम शिवराजसिंह चौहान से कॉलोनियों के नियमितिकरण को लेकर बात की थी। सीनियर आईएएस इकबाल सिंह विवेक अग्रवाल की मौजूदगी में उन्होंने रतलाम को अवैध कॉलोनी मुक्त बनाने की गुजारिश कर सुझाव दिए थे। सीएम ने मामले में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।