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डॉ. मौर्य को कोर्ट ने लगाई फटकार

7 वर्ष पहले
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रतलाम। मोबाइल से फोटो खींचकर सोशल साइट पर अपलोड के मामले में आरोपी एनेस्थेटिस्ट डॉ. महेश मौर्य को बुधवार को कोर्ट ने फटकार लगाई। एनेस्थेटिस्ट ने पुलिस को मोबाइल देने से मना किया। कोर्ट ने कहा- मोबाइल नहीं दोगे तो अग्रिम जमानत निरस्त कर देंगे। न्यायालय ने आदेश दिया है कि 23 सितंबर को दोपहर 4 बजे तक मोबाइल पुलिस को सौंपने अन्यथा अग्रिम जमानत निरस्त करने के संबंध में थाना प्रभारी आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
सीएमएचओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा का ऑपरेशन करते हुए फोटो खींचकर फेसबुक पर अपलोड करने के मामले में डॉ. मौर्य के खिलाफ आपराधिक प्रकरण विचाराधीन है। मामले में बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश एम.एस. चंद्रावत ने तीन बिंदुओं पर सुनवाई की। डॉ. मौर्य के आवेदन में शिकायत थी कि अग्रिम जमानत के आदेश के बावजूद स्टेशन रोड थाने पर उनकी जमानत लेने की कार्रवाई नहीं हुई। 20 सितंबर तक ट्रेनिंग के लिए उन्हें दिल्ली जाना है, इसलिए अग्रिम जमानत की अवधि बढ़ाई जाए। लोक अभियोजक सुभाष जैन ने आपत्ति दर्ज करवाई।
उन्होंने न्यायालय को बताया डॉ. मौर्य जांच में सहयोग नहीं कर रहे। उन्होंने जांच के लिए पुलिस को अपना मोबाइल देने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीश ने डॉ. मौर्य की जमानत अवधि 23 सितंबर तक बढ़ाने के आदेश दिए। साथ आदेश में उन्होंने लिखा कि परिस्थितियों के अनुसार न्यायोचित है कि डॉ. मौर्य अनुसंधान में सहयोग करें और न्यायालय की शर्त के अधीन मोबाइल उपलब्ध करवाएं।
अपनी ही शिकायत में उलझे : लोकअभियोजक ने बताया स्टेशन रोड थाना प्रभारी को 14 सितंबर को प्रस्तुत आवेदन में डॉ. मौर्य ने बताया है कि उनके द्वारा कोई अपराध नहीं किया गया है। ही ऐसे अपराध से कोई संबंध है। ऐसी स्थिति में मोबाइल सुपुर्द करने का प्रश्न ही पैदा नहीं होता। इसके विपरीत अजाक थाने में 23 अगस्त को प्रस्तुत आवेदन में बताया कि ऑपरेशन थिएटर में उन्होंने अपने मोबाइल से फोटो खींचा। इसके लिए सीएमएचओ ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। दोनों विरोधाभासी आवेदन न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए हैं।

ये है मामला : 23अगस्त 2014 को दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर में सीएचएमओ डॉ. ऑपरेशन कर रहे थे। डॉ. मौर्य ने मोबाइल से फोटो खींचकर फेसबुक पर अपलोड कर दिए। विवाद हुआ तो डॉ. मौर्य ने अजाक थाने में लिखित शिकायत दी। बताया सीएमएचओ ने जातिसूचक शब्द कहते हुए गाली-गलौज की। सीएमएचओ ने स्टेशन रोड थाने में डॉ. मौर्य ने नियम विरुद्ध ऑपरेशन थिएटर में प्रवेश कर महिला पुरुष रोगियों के अर्धनग्न फोटो खींचकर फेसबुक वाट्स अप पर लोड करने की रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले में डॉ. मौर्य को अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रावत ने अग्रिम जमानत का लाभ इस आधार पर दिया कि वे शासकीय सेवा में हैं। फरार होने की शंका नहीं है तथा अनुसंधान में सहयोग करेंगे। न्यायालय ने सशर्त अग्रिम जमानत स्वीकार करते हुए गिरफ्तार होने पर 50 हजार रुपए के जमानत-मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए थे।
उलझे एनेस्थेटिस्ट | कोर्ट ने कहा - मोबाइल नहीं दिया तो निरस्त कर देंगे अग्रिम जमानत ।